ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। नैनीताल पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते घर से नाराज होकर निकले देहरादून निवासी एक बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालक के सुरक्षित मिलने और पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली तथा नैनीताल पुलिस की टीम का आभार व्यक्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद देहरादून के सेलाकुई निवासी एक बालक गत 12 अक्टूबर को घर से नाराज होकर चला गया था। घर से निकलने के बाद वह हल्द्वानी पहुंच गया। 13 अक्टूबर को बालक को हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर (टीपी नगर) क्षेत्र में घूमते हुए पाया गया। पूछताछ के दौरान बालक ने बताया कि वह घर से नाराज होकर निकला है। इसके बाद बालक की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे उसके परिवार तक पहुंचाने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नैनीताल ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों से संपर्क कर शुरू की गई कार्रवाई
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बालक से उसके परिजनों का मोबाइल नंबर प्राप्त किया और उनसे संपर्क स्थापित किया। बातचीत के दौरान परिजनों ने भी पुष्टि की कि बालक घर से नाराज होकर चला गया था। पुलिस टीम ने परिजनों से समन्वय स्थापित करते हुए बालक की सुरक्षा और उसके पुनर्वास की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।
इसके बाद 15 अक्टूबर 2026 को बालक को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के समक्ष आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और काउंसलिंग के बाद बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालक के सुरक्षित घर लौटने से परिजनों की चिंता दूर हुई। उन्होंने समय पर सहायता उपलब्ध कराने और बालक को सुरक्षित वापस पहुंचाने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नैनीताल की सराहना करते हुए पुलिस का आभार जताया।
उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के दिशा-निर्देशन, पुलिस उपाधीक्षक हल्द्वानी एवं नोडल अधिकारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट अंजना नेगी के पर्यवेक्षण तथा महिला उपनिरीक्षक सुनीता कुंवर, प्रभारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट नैनीताल के नेतृत्व में जनपद पुलिस बच्चों की सुरक्षा और बाल अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसके साथ ही संकट की स्थिति में मिले बच्चों की पहचान, सुरक्षा, काउंसलिंग और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि घर से नाराज होकर निकलने वाले बच्चों की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल के लिए समय पर सूचना, संवेदनशील व्यवहार और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम: महिला उपनिरीक्षक सुनीता कुंवर, हेड कांस्टेबल प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल महेश सायना, कांस्टेबल राजेन्द्र जोशी, महिला कांस्टेबल रेनू अधिकारी, महिला कांस्टेबल जानकी भंडारी और कांस्टेबल गोविन्द मेहरा।











