पिथौरागढ़ में आठ राज्यों की 276 एनसीसी कैडेट्स सीखेंगी पर्वतारोहण के गुर

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पिथौरागढ़ में आठ राज्यों की 276 एनसीसी कैडेट्स सीखेंगी पर्वतारोहण के गुर
पिथौरागढ़ में आठ राज्यों की 276 एनसीसी कैडेट्स सीखेंगी पर्वतारोहण के गुर

राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर का भव्य समारोह में शुभारंभ

छह दिन तक आर्टिफिशियल वॉल क्लाइंबिंग, जुमारिंग और रैपलिंग का लेंगी प्रशिक्षण

सीएनई रिपोर्टर, पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर-2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। एनसीसी महानिदेशालय, नई दिल्ली के प्रस्ताव पर तथा उत्तराखंड निदेशालय की 80वीं वाहिनी पिथौरागढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस छह दिवसीय शिविर में आठ राज्य एनसीसी निदेशालयों की कुल 276 बालिका कैडेट्स पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करने के साथ उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।


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जनपद में साहसिक खेलों एवं पर्वतारोहण के क्षेत्र में सक्रिय संस्था इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एंड एक्सप्लोरर्स (आईस क्लब) इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कर रही है। शिविर के माध्यम से विभिन्न राज्यों से आई कैडेट्स को पर्वतारोहण की तकनीकों को समझने, उनका व्यावहारिक अभ्यास करने और सामूहिक गतिविधियों के जरिए अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर मिलेगा।

लेफ्टिनेंट कर्नल देवेश सिंह ऐरी ने किया उद्घाटन

राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर का उद्घाटन 80वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल देवेश सिंह ऐरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करने के साथ ही जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों में शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, धैर्य और टीम भावना की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कैडेट्स में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सूझबूझ के साथ निर्णय लेना सीखती हैं।

कमांडिंग ऑफिसर ने सभी कैडेट्स को निर्देशित किया कि वे शिविर के दौरान किसी भी गतिविधि में भाग लेते समय बटालियन द्वारा नियुक्त प्रशिक्षकों की देखरेख में ही अभ्यास करें। उन्होंने प्रशिक्षकों के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करने और सुरक्षा संबंधी नियमों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया।

छह दिन तक सीखेंगी पर्वतारोहण की तकनीकें

छह दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शिविर में कैडेट्स को पर्वतारोहण की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईस क्लब के कुशल प्रशिक्षक बासु पांडेय के नेतृत्व में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होगा। इसके अंतर्गत कैडेट्स को पहले पर्वतारोहण से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकों की सैद्धांतिक जानकारी दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण के प्रमुख विषयों में आर्टिफिशियल वॉल क्लाइंबिंग, जुमारिंग और रैपलिंग शामिल हैं। आर्टिफिशियल वॉल क्लाइंबिंग के माध्यम से कैडेट्स कृत्रिम दीवार पर चढ़ने की तकनीक सीखेंगी। जुमारिंग के अंतर्गत रस्सी के सहारे ऊपर चढ़ने का अभ्यास कराया जाएगा, जबकि रैपलिंग के जरिए नियंत्रित तरीके से रस्सी के सहारे नीचे उतरने की तकनीक सिखाई जाएगी।

इन गतिविधियों के दौरान कैडेट्स को तकनीकी दक्षता, संतुलन, एकाग्रता और सुरक्षा प्रक्रियाओं का महत्व समझने का अवसर मिलेगा। सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के समन्वय से उन्हें साहसिक गतिविधियों की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।

आठ राज्य निदेशालयों की कैडेट्स की सहभागिता

इस शिविर में आठ राज्य एनसीसी निदेशालयों से संबंधित कैडेट्स प्रतिभाग कर रही हैं। इनमें गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, बिहार एवं झारखंड, हिमाचल-हरियाणा, पंजाब एवं चंडीगढ़ तथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख निदेशालयों की कैडेट्स शामिल हैं।

विभिन्न क्षेत्रों से आई कैडेट्स को इस शिविर में एक-दूसरे की संस्कृति, अनुभवों और कार्यशैली को जानने का अवसर भी मिलेगा। सामूहिक प्रशिक्षण के दौरान वे आपसी सहयोग, समन्वय और टीम भावना के महत्व को समझ सकेंगी। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन से कैडेट्स के बीच परस्पर संवाद और एकता की भावना को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

टग ऑफ वॉर और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे

पर्वतारोहण प्रशिक्षण के साथ शिविर में कैडेट्स के लिए अन्य सामूहिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत टग ऑफ वॉर यानी रस्साकशी प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

साहसिक प्रशिक्षण के साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का समावेश शिविर को बहुआयामी बनाएगा। इससे कैडेट्स के शारीरिक विकास के साथ उनमें सहयोग, सौहार्द और सामूहिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

बालक वर्ग का शिविर पहले ही हो चुका है संपन्न

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व इन्हीं आठ राज्य एनसीसी निदेशालयों के बालक वर्ग का राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब बालिका वर्ग के इस शिविर के आयोजन के साथ एनसीसी कैडेट्स को साहसिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा और क्षमता विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

पिथौरागढ़ में आयोजित यह शिविर सीमांत क्षेत्र में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण प्रशिक्षण की गतिविधियों को भी रेखांकित करता है। छह दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 276 कैडेट्स विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना जैसे गुणों को व्यवहार में उतारने का प्रयास करेंगी।

उद्घाटन समारोह में बटालियन की प्रशासनिक अधिकारी मेजर संध्या सिंह, सूबेदार मेजर ऑनरी लेफ्टिनेंट गंगा सिंह, एनसीसी अधिकारी सुनीता, रेखा चौहान, चंद्रिका बेन, श्रुति शर्मा एवं किमी शर्मा उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त सूबेदार हरेंद्र सिंह, ट्रेनिंग जेसीओ नायब सूबेदार दर्शन सिंह, सीएचएम लोकेंद्र, हरीश, त्रिलोक एवं मनोज सहित आईस क्लब की नैना बिष्ट, हिमांशी खर्कवाल, गीता उप्रेती और पवन कुमार ने भी सहभागिता की। समारोह में एवरेस्ट विजेता मनीष कसनियाल की उपस्थिति भी रही।

राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को पर्वतारोहण की तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के साथ साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन उन्हें भविष्य में अधिक चुनौतीपूर्ण गतिविधियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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