मां अंबे नर्सिंग इंस्टीट्यूट ने भरी उड़ान, सफलता की मिशाल पेश की

0
मां अंबे नर्सिंग इंस्टीट्यूट ने भरी उड़ान, सफलता की मिशाल पेश की
मां अंबे नर्सिंग इंस्टीट्यूट ने भरी उड़ान, सफलता की मिशाल पेश की

╰┈➤ पहाड़ में शिक्षा की अलख जगाने के साथ खोले रोजगार से द्वार
╰┈➤ अब उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा का संकल्प, शिलान्यास कल


ADVERTISEMENTS

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: पहाड़ में शिक्षा और रोजगार की अलख जगाने वाला नामी संस्थान ‘मां अंबे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग’ आज अपनी शानदार उपलब्धियों से पूरे क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभर रहा है। महज 55 छात्र संख्या के साथ सफर शुरू करने वाले इस संस्थान ने चार साल में ही छात्रसंख्या 580 पहुंचा दी, जो संस्थान की गुणवत्ता और लोगों के विश्वास को दर्शाता है। बाद में बेहतर सुविधाओं के साथ यह स्थान को लोअर माल रोड में रोडवेज वर्कशॉप के निकट आलीशान भवन में शिफ्ट कर दिया गया, जहां यह वर्तमान में संचालित है। अब मां अंबे ग्रुप ने पहाड़ में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा देने का संकल्प लिया है। (आगे पढ़िये👇)
ऐसे शुरू हुआ सपना, जो बना

16 जनवरी 2019 को मकीड़ी, अल्मोड़ा में संस्थान की स्थापना के लिए भूमि पूजन हुआ था। कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद 03 दिसंबर 2021 को संस्थान को खोलने की अनुमति मिली। संस्थान के लिए गौरव का क्षण तब आया, जब 24 दिसंबर 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह सत्याल के कर कमलों से संस्थान का भव्य उद्घाटन हुआ। उद्घाटन के साथ ही 55 विद्यार्थियों के साथ बीएससी नर्सिंग कोर्स का संचालन शुरू हुआ। (आगे पढ़िये👇)
लगातार प्रगति, लगातार उपलब्धि

यह संस्थान अपनी स्थापना के बाद से क्षेत्र में शैक्षिक अलख जगाने का काम कर रहा हैं। संस्थान उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर 28 नवंबर, 2022 को संस्थान की सफलता में एक और कड़ी जुड़ गई। संस्थान में जीएनएम की 40 सीटों की मान्यता, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की 30 सीटों की मान्यता मिली। आज संस्थान में छात्र संख्या 55 से बढ़कर 580 हो गई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उम्मीद की जा रही है कि यह स्थान नर्सिंग शिक्षा के जरिये पहाड़ के बच्चों के भविष्य को पंख लगाएगा। (आगे पढ़िये👇)
पहाड़ के बच्चों को करीब मिली सुविधा

संस्थान के चेयरमैन ठाकुर संदीप सिंह के नेतृत्व में संचालित यह संस्थान पहाड़ के बच्चों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हो रहा है। पहले नर्सिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स के लिए पहाड़ के बच्चों को हल्द्वानी, देहरादून, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में शरण लेनी पड़ती थी, जिसमें अतिरिक्त खर्चे बढ़ जाते हैं, मां अंबे इंस्टीट्यूट ने अल्मोड़ा में उच्च स्तर की नर्सिंग शिक्षा उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी है। यहां के बच्चों को घर के करीब ही बेहतर भविष्य बनाने का मौका मिला है। बच्चे नजदीक होने से अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है। (आगे पढ़िये👇)
शिक्षा के साथ खुला रोजगार का द्वार

यह संस्थान सिर्फ शिक्षा ही नहीं, रोजगार देने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बेरोजगारी के दौर में संस्थान ने स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। वर्तमान में संस्थान में शिक्षण कार्य एवं शिक्षणेत्तर कार्य के साथ ही हॉस्टल और कार्यालय में लगभग 102 लोगों को रोजगार मिला है। इससे स्पष्ट है कि संस्थान पलायन रोकने की दिशा में सहायक हो रहा है। (आगे पढ़िये👇)
मां अंबे ग्रुप के मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास कल

अल्मोड़ा: अब मां अंबे ग्रुप ने शिक्षा के साथ पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। मां अंबे ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन ठाकुर संदीप सिंह ने बताया है कि संस्थान के ‘उत्कर्ष-2026’ के कार्यक्रमों की श्रृंखला में 15 अक्टूबर, 2026 यानी कल गुरुवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के नवीन एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन होगा। इसके अलावा ‘तरुण करुणा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल & आयुष सेंटर’ तथा तरुण करुणा एडवांस्ड डायग्नोस्टिक & रिहैबिलिटेशन सेंटर का शिलान्यास होगा। वहीं नव प्रवेशित नर्सिंग विद्यार्थियों का शपथ ग्रहण समारोह भी किया जा रहा है। इस नये संकल्प से अब नई उम्मीदें भी जगी हैं। एक ओर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लोगों को यहां मिलेगा, तो दूसरी ओर रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

ADVERTISEMENTS