परिवहन राजमार्ग राज्यंमत्री ने दिए यह निर्देश
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। कैंचीधाम और कुमाऊं के अन्य पर्वतीय मार्गों पर लगातार सामने आ रही यातायात जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री, भारत सरकार अजय टम्टा ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को सर्किट हाउस, काठगोदाम में पुलिस, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने विगत सप्ताह कैंचीधाम में उत्पन्न जाम की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए और श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों को आने-जाने वाले यात्रियों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही, वाहनों के दबाव, पार्किंग की कमी, वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता और प्रमुख सड़कों की खराब स्थिति सहित यातायात से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रस्तावित व्यवस्थाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए मंदिर प्रशासन से समन्वय
अजय टम्टा ने कहा कि कैंचीधाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसके लिए मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और मंदिर के आसपास सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें न लगें।
उन्होंने मंदिर में प्रवेश और निकासी की व्यवस्था को भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से व्यवस्थित करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में मंदिर में आवागमन के लिए एक ही मार्ग होने से भीड़ का दबाव बढ़ता है। इसे देखते हुए प्रवेश के लिए एक मार्ग निर्धारित करने और निकासी के लिए पार्किंग की ओर से अलग मार्ग विकसित करने की संभावना पर काम किया जाए, ताकि मंदिर के सामने मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने मंदिर को प्रातः 6 बजे के स्थान पर सुबह 4 बजे खोलने के संबंध में भी मंदिर प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि दर्शन की समय-सारिणी में बदलाव और भीड़ प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था से यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले वाहनों के लिए ज्योलीकोट मार्ग पर जोर
बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि कैंचीधाम में लगने वाले जाम का सबसे अधिक प्रभाव अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ता है। कई बार श्रद्धालुओं के वाहनों और पर्वतीय मार्गों से गुजरने वाले वाहनों का दबाव एक ही सड़क पर बढ़ जाने से आवागमन बाधित हो जाता है।
इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को ज्योलीकोट होते हुए भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि कैंचीधाम क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम किया जा सके। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने को कहा, जिससे भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने पर वाहनों को दूसरे मार्गों से निकाला जा सके।
निगलाट में पार्किंग की संभावना तलाशने के निर्देश
कैंचीधाम आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग भी जाम का एक प्रमुख कारण है। इसे देखते हुए मंत्री ने निगलाट के पास वन विभाग की नर्सरी की रिक्त भूमि पर पार्किंग विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर भूमि की उपलब्धता, पार्किंग की उपयोगिता और अन्य आवश्यक पहलुओं का आकलन करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पार्किंग की समुचित व्यवस्था होने से सड़क किनारे वाहनों को खड़ा करने की समस्या कम होगी और यातायात का संचालन अधिक सुचारू बनाया जा सकेगा।
पाटलीगांव-रातीघाट सड़क की स्थिति पर नाराजगी
बैठक के दौरान पाटलीगांव से रातीघाट तक सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इस मार्ग की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर सड़क को सुचारू करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सैनिटोरियम से पाटलीगांव तक सड़क की मरम्मत कराने को भी कहा, ताकि वैकल्पिक मार्ग के रूप में इसका उपयोग प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैकल्पिक मार्ग तभी उपयोगी साबित होंगे, जब उनकी स्थिति अच्छी हो और उन पर वाहनों का आवागमन सुरक्षित एवं सुचारू तरीके से हो सके।
क्वारब-तल्ला रामगढ़ मार्ग होगा टू-लेन, कैंचीधाम से हड़तप्पा तक वैकल्पिक मार्ग की तैयारी
यातायात व्यवस्था को दीर्घकालिक आधार पर बेहतर बनाने के लिए अजय टम्टा ने क्वारब से तल्ला रामगढ़ मार्ग को टू-लेन करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कैंचीधाम से हड़तप्पा तक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना और किसी एक मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव होने की स्थिति में आवागमन को वैकल्पिक रास्तों से संचालित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रस्ताव तैयार करने में अनावश्यक देरी न की जाए।
रानीबाग तिराहे पर वैली ब्रिज से जाम की समस्या दूर करने की तैयारी
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने रानीबाग स्थित भीमताल-नैनीताल तिराहे पर लगने वाले जाम की समस्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस स्थान पर यातायात का दबाव बढ़ने से नैनीताल आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
इस पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तिराहे पर वैली ब्रिज के निर्माण की संभावना पर विचार किया गया। प्रस्तावित व्यवस्था से नैनीताल आने-जाने वाले वाहनों के आवागमन को सुगम बनाने और जाम की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गुलाबघाटी चौड़ीकरण का प्रस्ताव जल्द स्वीकृत कराने पर जोर
गुलाबघाटी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को भी यातायात सुधार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। मंत्री ने कहा कि गुलाबघाटी के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शीघ्र स्वीकृत कराकर कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में लगने वाले जाम से निजात मिल सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि बढ़ते यातायात के अनुरूप सड़क व्यवस्था विकसित की जा सके।
भवाली से कैंचीधाम तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव मांगा
कैंचीधाम क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के लिए भवाली से कैंचीधाम तक सड़क चौड़ीकरण की योजना पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस कार्य के लिए वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त सर्वे करने को कहा गया, ताकि आवश्यक औपचारिकताओं को समय रहते पूरा किया जा सके। सड़क चौड़ी होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारू बनाने में मदद मिल सकती है।
डेढ़ वर्ष में पूरा होगा गौलापार-लालकुआं बाईपास
बैठक में अजय टम्टा ने बताया कि गौलापार-लालकुआं बाईपास के टेंडर हो चुके हैं और इसका कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। इस बाईपास के निर्माण से क्षेत्र में यातायात के वैकल्पिक विकल्प विकसित होंगे और वाहनों के आवागमन को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने की अपील
केंद्रीय राज्यमंत्री ने आम जनता से अपील की कि पर्वतीय मार्गों पर अपने वाहन सड़क किनारे अनधिकृत रूप से पार्क न करें। वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें और यातायात नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि सड़क पर अनियोजित पार्किंग से अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और जाम की समस्या गंभीर हो जाती है। इसलिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम जनता का सहयोग भी जरूरी है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश जी, आरटीओ अरविन्द कुमार पाण्डे, अधीक्षण अभियंता एनएच राजेश पाण्डे, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रतनेश, उपजिलाधिकारी मोनिका, सहायक अभियंता प्रमोद सुयाल सहित राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कैंचीधाम और आसपास के पर्वतीय मार्गों पर जाम की समस्या से निपटने के लिए तत्काल यातायात प्रबंधन से लेकर सड़क चौड़ीकरण, नई पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों के विकास तक कई उपायों पर जोर दिया गया। अब इन निर्देशों के क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की समयबद्ध कार्रवाई पर इन योजनाओं की सफलता निर्भर करेगी।









