अधिवक्ता कवीन्द्र पंत के प्रयासों को मिला प्रशासनिक संज्ञान
रानीधारा रोड पर निरीक्षण और शिखर तिराहे–धारानौला मार्ग पर 22 सितंबर को बैठक

अल्मोड़ा। जनहित से जुड़े सड़क, सुरक्षा और यातायात के मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन को दिए गए ज्ञापनों पर कार्रवाई आगे बढ़ने लगी है। जिला न्यायालय अल्मोड़ा के अधिवक्ता कवीन्द्र पंत द्वारा विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को दिए गए ज्ञापनों के क्रम में प्रशासनिक स्तर से संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिवक्ता पंत का कहना है कि उनके द्वारा उठाए गए इन मामलों में प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए संबंधित विभागों को अग्रेतर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।
लंबे समय से अधूरे तीन मोटर मार्गों का मामला
हवालबाग विकासखंड क्षेत्र में लंबे समय से अधूरे/निर्माणाधीन मोटर मार्गों के निर्माण एवं डामरीकरण का मुद्दा अधिवक्ता कवीन्द्र पंत ने जिलाधिकारी के समक्ष उठाया था। 7 जुलाई 2026 के उनके पत्र के संदर्भ में जिला अधिकारी कार्यालय ने 21 जुलाई 2026 को लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड तथा पीएमजीएसवाई द्वितीय खंड के अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन सड़कों का उल्लेख किया गया था—
- धामस गांव के निकट भांकड़ गांव के पास से ग्राम अधार-टेला-रैखलधार की ओर काटी गई सड़क,
- खूट गांव से महारुद्रेश्वर मंदिर तक की सड़क, तथा
- शीतलाखेत से स्याहीदेवी मंदिर तक की सड़क।
जिला प्रशासन के 15 सितंबर 2026 के पत्र से यह भी सामने आता है कि 21 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित मोटर मार्गों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन ने संबंधित खंडों से अब तक की कार्रवाई की सूचना मांगी है और कवीन्द्र पंत द्वारा 8 सितंबर 2026 को दोबारा दिए गए अनुरोध पत्र के बाद मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
रानीधारा रोड पर रैलिंग और काजवे का मामला भी पहुंचा आगे
रानीधारा रोड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिवक्ता कवीन्द्र पंत द्वारा पूर्व में 11 अप्रैल और 22 मई 2026 को अनुरोध पत्र दिए गए थे। बाद में 5 सितंबर 2026 को उन्होंने पुनः पत्र देकर रानीधारा रोड पर रैलिंग लगाए जाने तथा रानीधारा नौले के सामने सड़क के बीच बनाए गए आर्चनुमा काजवे को दुरुस्त कराने का अनुरोध किया।
इस मामले में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अल्मोड़ा की ओर से 11 सितंबर 2026 को नगर आयुक्त, नगर निगम अल्मोड़ा को पत्र भेजा गया। पत्र में संबंधित प्रकरणों का स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा एक सप्ताह के भीतर आवेदक और कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी अल्मोड़ा तथा अधिवक्ता कवीन्द्र पंत को भी भेजी गई है।
शिखर तिराहे से धारानौला स्टेशन तक ई-रिक्शा संचालन पर 22 सितंबर को बैठक
अल्मोड़ा शहर में ई-रिक्शा के स्वीकृत मार्ग पर पूरे रूट में संचालन सुनिश्चित कराने का मामला भी प्रशासनिक स्तर पर बैठक तक पहुंच गया है। अधिवक्ता कवीन्द्र पंत द्वारा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उठाई गई शिकायत में कहा गया था कि शिखर होटल तिराहे से धारानौला स्टेशन तक ई-रिक्शा संचालन की अनुमति होने के बावजूद संचालन आरसीएम मॉल तक ही किया जा रहा है।
इस संबंध में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी सदर, अल्मोड़ा ने संबंधित अधिकारियों, नगर निगम, परिवहन विभाग, पुलिस तथा ई-रिक्शा संचालकों से जुड़े पक्षों की बैठक प्रस्तावित की है। 22 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे उपजिलाधिकारी कार्यालय सदर, अल्मोड़ा में बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में स्वीकृत ई-रिक्शा मार्ग पर संचालन के लिए समय-सारणी तय करने तथा समूह की महिलाओं द्वारा संचालित पिंक ई-रिक्शा में महिला चालक की अनिवार्यता से जुड़े विषय पर भी विचार-विमर्श किया जाना है।
जनहित के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं कवीन्द्र पंत
अधिवक्ता कवीन्द्र पंत ने कहा कि सड़क निर्माण, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े ये मुद्दे सीधे आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के समक्ष समय-समय पर ज्ञापन एवं अनुरोध पत्र देकर इन समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी। अब जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने से इन मामलों में आगे की प्रक्रिया शुरू हुई है।
हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक पत्रों के अनुसार इन मामलों में अभी प्रक्रिया/कार्रवाई जारी है; सड़क निर्माण या रानीधारा रोड के कार्य पूर्ण होने की पुष्टि इन पत्रों में नहीं की गई है। वहीं ई-रिक्शा संचालन के मामले में 22 सितंबर की बैठक के बाद आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।









