डेढ़ घंटे सड़क पर तड़पता रहा, लोग बनाते रहे वीडियो
CNE REPORTER, हल्द्वानी। हल्द्वानी-लालकुआं नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर शाम हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इंसानियत को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। मोतीनगर चौराहे के पास रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि 28 वर्षीय बाइक सवार रहीम खान गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसके शरीर से लगातार खून बहता रहा और वह करीब डेढ़ घंटे तक जिंदगी के लिए जूझता रहा।
सबसे पीड़ादायक पहलू यह रहा कि घायल युवक मदद के लिए तड़पता रहा, जबकि मौके पर मौजूद कई लोग उसकी सहायता करने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। बताया गया कि हादसे के तत्काल बाद एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन सहायता पहुंचने में हुई देरी के बीच घायल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जब पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल भेजा गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कट पार करते ही सामने आ गई मौत
जानकारी के अनुसार गुरुवार देर शाम हल्द्वानी-लालकुआं नेशनल हाईवे पर मोतीनगर चौराहे के समीप यह हादसा हुआ। यह क्षेत्र मंडी पुलिस चौकी के अंतर्गत आता है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार रहीम सड़क पर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान कट पार करते समय गलत दिशा से आ रही छोटा हाथी पिकअप उसकी बाइक से जा भिड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों वाहनों की भिड़ंत बेहद जबरदस्त थी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके शरीर से इतना खून बहा कि सड़क पर खून फैल गया।
सड़क पर पड़ा तड़पता रहा युवक, तमाशबीन बने रहे लोग
हादसे के बाद का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। घायल रहीम सड़क पर पड़ा मदद के लिए तड़पता रहा, लेकिन आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों में से कई लोग उसे अस्पताल पहुंचाने या प्राथमिक सहायता देने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे।
ग्राम प्रधान रमेश जोशी के अनुसार हादसे के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस, मंडी पुलिस चौकी और हाईवे की इमरजेंसी सेवा को सूचना दी गई थी। इसके बावजूद राहत और चिकित्सा सहायता समय पर नहीं पहुंच सकी।
करीब डेढ़ घंटे तक घायल के सड़क पर पड़े रहने की बात सामने आई है। इस दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई।
जब पुलिस पहुंची तब तक थम चुकी थीं सांसें
काफी देर बाद हल्दूचौड़ पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की, लेकिन तब तक अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने हादसे में शामिल पिकअप चालक को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों, वाहन की दिशा और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
पत्नी की मौत के बाद बेटे का सहारा था रहीम, अब मासूम भी हुआ बेसहारा
मृतक की पहचान लालकुआं के वार्ड नंबर-5, सुभाष नगर निवासी 28 वर्षीय रहीम खान के रूप में हुई है। वह पेशे से मोटर मिस्त्री था।
रहीम के परिवार पर पहले ही दुखों का पहाड़ टूट चुका था। बताया गया कि करीब एक वर्ष पहले बच्चे को जन्म देते समय उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। पत्नी के निधन के बाद रहीम ही अपने छोटे बेटे का सहारा था।
अब सड़क हादसे में रहीम की भी असमय मौत हो जाने से उसका महज एक वर्ष का मासूम बेटा पिता के साये से भी वंचित हो गया है। एक साल के भीतर परिवार ने पहले मां और अब पिता को खो दिया।
हादसा ही नहीं, व्यवस्था और संवेदनशीलता पर भी सवाल
मोतीनगर का यह हादसा केवल एक परिवार से उसका सहारा छिन जाने की घटना नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा, समय पर आपातकालीन सहायता और मानवीय संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि हादसे के बाद घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल जाती तो क्या उसकी जान बच सकती थी—यह सवाल अब मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, दुर्घटना के बाद घायल की मदद करने के बजाय वीडियो बनाने की प्रवृत्ति ने भी समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।
एक ओर 28 वर्षीय रहीम जिंदगी की आखिरी सांसों तक मदद की उम्मीद में सड़क पर पड़ा रहा, दूसरी ओर उसके आसपास खड़े मोबाइल कैमरे उस दर्दनाक मंजर को रिकॉर्ड करते रहे। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दुर्घटना के समय सबसे पहले मोबाइल कैमरा उठना चाहिए या किसी की जान बचाने के लिए हाथ?
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी पिकअप चालक को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




