प्रभात फेरी में गूंजे देशभक्ति के स्वर
सीएनई संवाददाता, रानीखेत। भारत रत्न एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती रानीखेत में श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में समारोहपूर्वक मनाई गई। नगर स्थित पं. गोविंद बल्लभ पंत पार्क में आयोजित मुख्य समारोह में वक्ताओं ने पंत जी के बहुआयामी व्यक्तित्व, राष्ट्र सेवा, शिक्षा, सामाजिक चेतना, प्रशासनिक दक्षता और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद करते हुए युवा पीढ़ी से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वतंत्रता सेनानी आनन्द सिंह बिष्ट तथा विशिष्ट अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने पं. गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।
महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान
मुख्य अतिथि स्वतंत्रता सेनानी आनन्द सिंह बिष्ट ने अपने आशीर्वचन में कहा कि देश और समाज के निर्माण में महापुरुषों का योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत ने अपने जीवन में जिन आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाया, वे आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। नई पीढ़ी को महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें और कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लें।
पंत आधुनिक भारत के निर्माताओं में अग्रणी : दीक्षिता जोशी
विशिष्ट अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने पं. गोविंद बल्लभ पंत को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ-साथ दूरदर्शी राजनेता, कुशल प्रशासक और आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला व्यक्तित्व बताया।
उन्होंने कहा कि पंत जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक महत्वपूर्ण पड़ाव देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ उन्होंने प्रशासन और राजनीति के क्षेत्र में भी अपनी असाधारण क्षमता का परिचय दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ की जिन कठिन भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में पं. गोविंद बल्लभ पंत का जन्म और पालन-पोषण हुआ, उन्हीं परिस्थितियों से निकलकर उन्होंने देश के सर्वोच्च दायित्वों तक अपनी पहचान बनाई। उनकी सफलता के पीछे शिक्षा, संघर्ष, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने विद्यार्थियों से कहा कि वे शिक्षा को अपने भविष्य की मजबूत नींव बनाएं और अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम के बल पर जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर कुछ कर गुजरने का संकल्प हो।
ईमानदारी, निडरता और राष्ट्र सेवा पंत जी के जीवन की पहचान : विमल सती
आयोजन समिति के संयोजक विमल सती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पं. गोविंद बल्लभ पंत के जीवन वृत्त और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंत जी का जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत ने देश की आजादी के लिए अपना संपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक कुरीतियों और बुराइयों के खिलाफ भी संघर्ष किया। उनके व्यक्तित्व में ईमानदारी, निडरता, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा जैसे गुणों का अद्भुत समन्वय था।
विमल सती ने कहा कि आज उनकी जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब हम उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने आचरण में राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को स्थान देंगे। उन्होंने कहा कि पंत जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
प्रभात फेरी में दिखा देशभक्ति का जोश
मुख्य समारोह से पूर्व नगर में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक प्रभात फेरी निकाली। दर्जनभर विद्यालयों के बच्चे हाथों में तिरंगा और देशभक्ति से जुड़े संदेश लिए नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। प्रभात फेरी के दौरान देशभक्ति के नारों और गीतों से रानीखेत का वातावरण गुंजायमान रहा।
विद्यार्थियों के अनुशासित कदम और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। नगरवासियों ने भी जगह-जगह बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
मुख्य समारोह में जीजीआईसी, स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल, विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मिशन इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज, सिटी मांटेसरी स्कूल, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छावनी इंटर कॉलेज, आर्मी पब्लिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने समूह में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। देशभक्ति गीतों के माध्यम से बच्चों ने राष्ट्रप्रेम, त्याग और देश के प्रति समर्पण की भावना का संदेश दिया।
प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया गया पुरस्कृत
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों एवं सहभागिता के लिए पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के साथ समिति अध्यक्ष विमल सती, संरक्षक जोगेंद्र बिष्ट, मोहन नेगी, कैलाश पांडे और हिमांशु उपाध्याय ने विद्यार्थियों को पारितोषिक वितरित किए।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में देशभक्ति के साथ-साथ प्रतिभा और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देते हैं।
चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
समारोह के बाद मिशन इंटर कॉलेज में अंतरविद्यालयी चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मिशन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने दीप प्रज्वलित कर किया।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पं. गोविंद बल्लभ पंत के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान, राष्ट्र निर्माण तथा उनके आदर्शों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
भाषण प्रतियोगिता में विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की दिशा बिष्ट ने प्रथम, सिटी मांटेसरी स्कूल की गार्गी रावत ने द्वितीय तथा विवेकानंद विद्या मंदिर की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आर्मी पब्लिक स्कूल के कार्तिक रावत ने सांत्वना स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह दर्शाया कि नई पीढ़ी भी देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं के जीवन से परिचित होकर उनके विचारों को समझने में रुचि रखती है।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता जोगेंद्र बिष्ट ने की, जबकि संचालन दीपक पंत ने किया। समारोह में समिति के पदाधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर हरीश लाल साह, गौरव भट्ट, गौरव तिवारी, संजय पंत, अभिषेक कांडपाल, राजेंद्र पंत, सोनू सिद्दीकी, नेहा मेहरा, शुभम अग्रवाल, पंकज साह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि पं. गोविंद बल्लभ पंत का जीवन केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि उससे सीख लेने के लिए है। उनके संघर्ष, राष्ट्रप्रेम, शिक्षा के प्रति समर्पण, प्रशासनिक क्षमता, सामाजिक सरोकार और जनसेवा की भावना आज भी युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
रानीखेत में आयोजित यह जयंती समारोह श्रद्धांजलि के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बन गया।




