गंगोरी पेट्रोल पंप की दीवार टूटी, नवोदय विद्यालय के नीचे भी बढ़ा खतरा
यात्रियों से अनावश्यक पहाड़ी यात्रा से बचने की अपील
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। क्वारब से खैरना तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जगह-जगह पहाड़ से मिट्टी और मलबा सड़क पर आ रहा है, वहीं कई स्थानों पर पत्थरों के गिरने का सिलसिला भी जारी है। इसके चलते सड़क बार-बार बाधित हो रही है और जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि मार्ग के कई हिस्सों में सड़क के धंसने का खतरा बना हुआ है। लगातार बारिश से पहाड़ की जमीन कमजोर हो रही है और सड़क के किनारे कटाव बढ़ रहा है। ऐसे में सामान्य रूप से दिखाई देने वाला सड़क का हिस्सा भी अचानक धंस सकता है या ऊपर से पत्थर गिर सकते हैं। यही कारण है कि इस मार्ग पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

गंगोरी पेट्रोल पंप की दीवार टूटी, खतरा बढ़ा
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में नुकसान का सिलसिला भी सामने आने लगा है। गंगोरी पेट्रोल पंप की दीवार टूट चुकी है। इससे साफ है कि बारिश का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के निर्माण और सुरक्षा ढांचों पर भी पड़ रहा है।
इसी तरह नवोदय आवासीय विद्यालय के नीचे की दीवार भी लगातार धंसती जा रही है। यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे संवेदनशील स्थानों के आसपास विशेष निगरानी और आवश्यक सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हो गए हैं।
क्वारब-खैरना के बीच जगह-जगह पत्थरों की बरसात
क्वारब से खैरना के बीच कई स्थान ऐसे हैं, जहां पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान पहाड़ से अचानक छोटे-बड़े पत्थर सड़क पर आ रहे हैं। कई जगह सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
ऐसे में वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ा खतरा यह है कि सामने से सड़क साफ दिखाई देने के बावजूद कुछ ही क्षणों में ऊपर से पत्थर या मलबा आ सकता है। विशेषकर बारिश के दौरान मोड़, कटिंग वाले हिस्सों और पहाड़ी ढलानों के नीचे वाहन रोकना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
बार-बार खुल रहा मार्ग, लेकिन खतरा अभी टला नहीं
मलबा आने के बाद जेसीबी की सहायता से सड़क को खोला जा रहा है, लेकिन बारिश जारी रहने की स्थिति में इसे स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। एक स्थान से मलबा हटाने के बाद दूसरे स्थान पर पहाड़ दरकने अथवा मलबा आने की आशंका बनी रहती है।
संबंधित विभागों के लिए भी लगातार बारिश के बीच सड़क का स्थायी रखरखाव करना मुश्किल होता है। बारिश थमने के बाद ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए सड़क, सुरक्षा दीवारों और जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत का कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
यात्रियों से अपील—सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए क्वारब से खैरना के बीच यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बहुत जरूरी न हो तो फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचना ही सुरक्षित विकल्प है। जिन लोगों को किसी आवश्यक कार्य से यात्रा करनी ही पड़े, वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही रवाना हों तथा वाहन को नियंत्रित गति से चलाएं।
बारिश के दौरान पहाड़ के नीचे अथवा मलबा आने वाले संवेदनशील स्थानों पर वाहन खड़ा करने से बचें। सड़क पर मलबा अथवा पत्थर दिखाई देने पर उसे पार करने की जल्दबाजी न करें और संबंधित विभाग के सड़क साफ करने की प्रतीक्षा करें।
प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण है अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना। सड़क खुली दिखाई देने का अर्थ यह नहीं है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान परिस्थितियां कुछ ही मिनटों में बदल सकती हैं। इसलिए सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा टालें और प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी या यातायात संबंधी निर्देश का पालन करें।
प्रशासन की ओर से भी आम नागरिकों से सावधान रहने तथा बिना किसी विशेष आवश्यकता के इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा नहीं करने की अपील की गई है।



