हर माह चुना जाएगा “थाना ऑफ द मंथ”
अपराध समीक्षा में SSP के सख्त निर्देश, साइबर अपराध नियंत्रण पर रहेगा फोकस
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने अपराध नियंत्रण, साइबर ठगी में पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने, लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण और डिजिटल पुलिसिंग को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और खराब प्रदर्शन पर संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय होगी।
27 अगस्त 2026 को हल्द्वानी कोतवाली सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें जुलाई 2026 में जनपद में घटित अपराधों, कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, यातायात, साइबर अपराध और पुलिसिंग की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आगामी माह में संभावित कानून-व्यवस्था एवं अपराध संबंधी चुनौतियों को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में ई-शाक्ष्य एप और जीरो एफआईआर के संबंध में पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थानों में ऑनलाइन सामान्य डायरी, इलेक्ट्रॉनिक एफआईआर, जीरो एफआईआर, इलेक्ट्रॉनिक बीट, इलेक्ट्रॉनिक समन, इलेक्ट्रॉनिक मालखाना और इलेक्ट्रॉनिक दुर्घटना रिपोर्ट सहित सभी डिजिटल व्यवस्थाओं में डेटा समयबद्ध रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसका उपयोग पुलिस कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने में किया जाए।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात नैनीताल की ओर से सभी थाना प्रभारियों को हिट एंड रन प्रतिकर योजना, प्रधानमंत्री राहत योजना, राहवीर योजना तथा इलेक्ट्रॉनिक दुर्घटना रिपोर्ट की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
निर्देश दिए गए कि सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। पात्र पीड़ितों को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ इलेक्ट्रॉनिक दुर्घटना रिपोर्ट पोर्टल पर दुर्घटनाओं से संबंधित आवश्यक आंकड़े भी समय से अपडेट किए जाएं।
साइबर ठगी में धनराशि वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता
साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। नियमानुसार अभियोग दर्ज कर प्रभावी विवेचना और धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन्स अमित कुमार सैनी ने प्रगति पोर्टल, सहयोग पोर्टल तथा मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के संबंध में तकनीकी जानकारी दी।
एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध के किसी भी मामले में लापरवाही मिलने पर संबंधित विवेचक की जवाबदेही तय की जाएगी। जनपद के चिह्नित साइबर हॉटस्पॉट पर प्रभावी निगरानी रखने तथा सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराध से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी के लिए साइबर ट्रेनिंग पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए गए।
लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपराधों की विवेचना गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। अपराध एवं अपराधियों से संबंधित डेटा को अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली पर शत-प्रतिशत अपडेट रखने तथा लंबित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समेत सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्काल पूरी करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनपद में बेहतर पुलिसिंग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए “थाना ऑफ द मंथ” की नई पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक थाने के प्रदर्शन का विभिन्न पुलिसिंग मानकों पर मूल्यांकन किया जाएगा।
मूल्यांकन में सीसीटीवी की निगरानी एवं उपयोग, अपराध नियंत्रण एवं अपराधों में प्रगति, साइबर अपराधों का निस्तारण, लंबित विवेचनाओं का निस्तारण, डिजिटल पोर्टल पर कार्य की गुणवत्ता तथा अन्य महत्वपूर्ण पुलिसिंग मानक शामिल होंगे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों और संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जन्माष्टमी और छात्रसंघ चुनाव को लेकर सतर्कता
आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और छात्रसंघ चुनावों को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
कॉलेज परिसरों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी, प्रभावी पुलिस गश्त तथा आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी गश्त और बीट पुलिसिंग मजबूत करने के निर्देश दिए गए। धार्मिक भावनाओं को भड़काने, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, चौकी प्रभारी और बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं और कार्यों को संबंधित पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
जनपद की यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यातायात दबाव वाले क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और आगामी आयोजनों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की गई। यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं
सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। प्राप्त समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए 48 पुलिसकर्मी सम्मानित
सैनिक सम्मेलन के दौरान जनपद नैनीताल के विभिन्न थानों और शाखाओं में तैनात 48 पुलिसकर्मियों एवं सहयोगी कार्मिकों को उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित पुलिसकर्मियों की सूची
महिला उप निरीक्षक
- मीना गौतम
- राधिका भंडारी
सहायक उप निरीक्षक
3. बिहारी लाल
4. जितेन्द्र
5. मोहम्मद अहमद
मुख्य आरक्षी
6. कुन्दन कटायत
7. त्रिलोक रोतेला
8. रमेश कांडपाल
9. महेन्द्र सिंह
10. प्रकाश सिंह
11. प्रकाश पाण्डेय
12. परमदीप सिंह
13. हेमन्त कुमार
14. दीप चन्द्र
15. हरीश चन्द्र सिंह नेगी
16. गंगा मटपाल
17. मनोज पंत
18. तकनीकी किशोरी लाल
महिला मुख्य आरक्षी
19. गीता रिंगवाल
आरक्षी
20. विजय कुमार
21. भूपेन्द्र ज्येष्ठा
22. अशोक रावत
23. भानू प्रताप
24. गोविन्द प्रसाद
25. अनिल गुलानी
26. मनोज द्विवेदी
27. हर्ष वर्धन
28. कुन्दन सिंह
29. राहुल सिंह राणा
30. विजय सिंह
31. ताज मोहम्मद
32. रोहित सिंह
33. योगेश सिंह
34. राजकुमार कम्बोज
अन्य पुलिस एवं सहयोगी कार्मिक
35. हरनाम सिंह, एलएफएम
36. प्रीति बिष्ट, एफडब्ल्यू
37. करिश्मा, महिला आरक्षी
38. निर्मला मेहता, महिला आरक्षी
39. रितु आर्या, महिला आरक्षी
40. रूबी चौहान, महिला आरक्षी
41. रेनू अधिकारी, महिला आरक्षी
42. चम्पा रावत, महिला आरक्षी
43. ममता रजवार, महिला आरक्षी
44. रमेश चन्द्र भट्ट, संदेशवाहक
45. संजय जोशी, अनुचर
46. जगदीश सिंह, उपनल चालक
47. राजेश पाण्डे, होमगार्ड
48. धर्मेन्द्र रावत, जिला ग्रामीण प्रबंधक, नैनीताल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने सम्मानित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा हैं।
ये अधिकारी रहे मौजूद
गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, पुलिस अधीक्षक संचार एवं कार्यालय रेवाधर मठपाल, संयुक्त निदेशक विधि हीरा सिंह राणा, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार, क्षेत्राधिकारी नैनीताल अंजना नेगी, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह सहित जनपद के सभी थाना एवं शाखा प्रभारी, यातायात एवं केंद्रीय पुलिस इकाई प्रभारी तथा प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी के कंपनी कमांडर उपस्थित रहे।





