48 घंटे में खनस्यूं पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्यारोपी
CNE REPORTER, नैनीताल। खनस्यूं के तल्ला ओखलकांडा में पत्नी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपी को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी भीम सिंह ने अपने चार बच्चों के सामने पत्नी डिक्री देवी को डंडों और चम्मच आदि से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौत हो गई।
हैरान करने वाली बात यह रही कि पत्नी की मौत के बाद आरोपी रातभर घर में ही सोया और अगली सुबह बच्चों को धमकाकर चुप रहने की हिदायत देकर फरार हो गया। मां की हत्या का खौफ सीने में दबाए 11 वर्षीय बड़े बेटे ने आखिर हिम्मत दिखाई और ग्राम प्रधान को पूरी घटना बता दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और लगातार तलाश के बाद 24 अगस्त को आरोपी को वडियाड लूगड़, काठगोदाम के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
बच्चों की आंखों के सामने बरसीं लाठियां, मां को नहीं बचा सके मासूम
22 अगस्त 2026 को थाना खनस्यूं पुलिस को ग्राम तल्ला ओखलकांडा में महिला की हत्या की सूचना मिली। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि घटना के समय मृतका डिक्री देवी के चारों बच्चे घर पर मौजूद थे।
आरोप है कि भीम सिंह ने पत्नी पर डंडों और चम्मच आदि से लगातार हमला किया। बच्चों के सामने हुई इस बेरहम मारपीट के दौरान डिक्री देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी मृत्यु हो गई।
मासूम बच्चों के सामने हुई इस घटना ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया।
हत्या के बाद भी नहीं भागा, रातभर घर में ही सोता रहा आरोपी
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि पत्नी की मौत के बाद आरोपी तत्काल घर से नहीं भागा। पुलिस के अनुसार वह रातभर घर में ही सोया।
अगली सुबह उसने अपने बच्चों को धमकाया और घटना के बारे में किसी को कुछ भी न बताने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी घर से फरार हो गया।
घर में मां की लाश और सामने पिता का खौफ—मासूम बच्चे पूरी घटना से सहमे हुए थे।
11 साल के बेटे ने तोड़ी खामोशी, ग्राम प्रधान को बताई मां की हत्या की बात
आरोपी की धमकी के बावजूद मृतका के 11 वर्षीय बड़े बेटे ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चे ने ग्राम प्रधान को घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान से सूचना मिलने के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और खनस्यूं पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
मृतका के पिता गुमान सिंह की तहरीर के आधार पर थाना खनस्यूं में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना खनस्यूं पुलिस और हल्द्वानी से पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित किया। टीम ने मौके से आवश्यक भौतिक साक्ष्य संकलित किए, जिनका परीक्षण विवेचना में किया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
एक-एक ठिकाना खंगाला, काठगोदाम में जाकर दबोचा
पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र और क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष खनस्यूं अनीस अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
आरोपी की तलाश में पुलिस ने लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी और सुरागरसी-पतारसी की। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच 24 अगस्त 2026 को आरोपी भीम सिंह को वडियाड लूगड़, काठगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है।
शराब के नशे में था आरोपी, पत्नी पर था अवैध संबंध का शक
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था। उसने पत्नी के अवैध संबंध होने के शक में उसके साथ मारपीट करने की बात कही। पुलिस के अनुसार इसी मारपीट के दौरान डिक्री देवी की मृत्यु हो गई।
हालांकि, पत्नी पर लगाए गए अवैध संबंधों के आरोप आरोपी के पूछताछ में बताए गए कथन हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
गिरफ्तार आरोपी
भीम सिंह पुत्र मानसिंह, निवासी ग्राम तल्ला ओखलकांडा, थाना खनस्यूं, जनपद नैनीताल।
पुलिस टीम ने मिलकर की कार्रवाई
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अनीस अहमद, चौकी प्रभारी ओखलकांडा उप निरीक्षक कृष्णा गिरी, सहायक उप निरीक्षक नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल महेश मर्तोलिया, हेड कांस्टेबल भूजेंद्र सिंह, कांस्टेबल राम सिंह राणा तथा कांस्टेबल जय किशन शामिल रहे।
पत्नी की हत्या, चार बच्चों की आंखों के सामने हुई बेरहमी, रातभर घर में आरोपी की मौजूदगी, सुबह बच्चों को धमकी और फिर फरारी—इस सनसनीखेज मामले में 11 वर्षीय बेटे की हिम्मत ने पुलिस तक सच्चाई पहुंचाई। पुलिस की लगातार दबिश के बाद आरोपी को 24 अगस्त को काठगोदाम क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
घटना का फ्लैशबैक
21 अगस्त की रात ओखलकांडा में जो हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पुलिस के मुताबिक मामूली विवाद के बाद 36 वर्षीय भीम सिंह ने अपनी 28 वर्षीय पत्नी डिक्री देवी पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गुस्से में आरोपी ने पत्नी को सिर से पैर तक बेरहमी से पीटा। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों को महिला के शरीर पर करीब 50 गहरे चोट के निशान मिले। सिर और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर डंडे से किए गए वार के निशान थे और कई जगह हड्डियों में फ्रैक्चर की आशंका भी सामने आई।
डिक्री देवी की हालत इतनी गंभीर हो गई कि वह मौके पर ही दम तोड़ बैठी। लेकिन इसके बाद भी कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस के अनुसार पत्नी की मौत के बाद आरोपी 22 अगस्त की तड़के अपने बेटे को धमकाकर घर से फरार हो गया।
मां को सोता समझता रहा मासूम
आरोपी के फरार होने के बाद करीब 10 साल का बच्चा दिनभर घर में ही रहा। उसे यही लगा कि उसकी मां सो रही है और कुछ देर बाद उठ जाएगी। लेकिन जब शाम तक भी मां नहीं उठी तो बच्चे को अनहोनी का एहसास हुआ। उसने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी।
ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो डिक्री देवी की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। महिला की मौत हो चुकी थी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
देर रात पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच
सूचना मिलने के बाद शनिवार देर रात थाना खनस्यूं पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल की मौजूदगी में फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सहित आवश्यक भौतिक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेज दिया।
सिर से पैर तक 50 घावों ने बयां की क्रूरता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले सामने आई चिकित्सकीय जांच ने घटना की भयावहता को और बढ़ा दिया। मृतका के शरीर पर करीब 50 गहरे घाव पाए गए। फॉरेंसिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके सिंह के अनुसार महिला के सिर और पूरे शरीर पर डंडे से चोट के निशान मिले।
हल्द्वानी की मोर्चरी में तीन चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। पैनल में एक महिला चिकित्सक भी शामिल थीं। शरीर के कई हिस्सों में हड्डियों के टूटने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
सोमवार को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर डिक्री देवी का अंतिम संस्कार किया गया। पीछे रह गए मासूम बच्चों के लिए यह घटना ऐसा सदमा बन गई, जिसकी टीस शायद लंबे समय तक उनके साथ रहेगी।












