यूकेडी नेता विनय किरौला की अगुवाई में अनोखा विरोध प्रदर्शन
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। धौलछीना से शेराघाट तक स्टेट हाईवे की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। सड़क पर जगह-जगह बने कई फीट गहरे और बड़े-बड़े गड्ढों के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनय किरौला की अगुवाई में ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढे में पौधा रोपकर विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि स्थानीय लोगों और राहगीरों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और बड़े गड्ढे कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार धौलछीना-शेराघाट मार्ग लंबे समय से बदहाली का सामना कर रहा है। बरसात शुरू होने से पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क के गड्ढों को भरने के लिए पैच वर्क कराया गया था। इसके बावजूद बरसात के दौरान सड़क की हालत फिर से बेहद खराब हो गई।

मंगलता से क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर से मोबाइल फोन पर हुई वार्ता का हवाला देते हुए बताया गया कि विभाग की ओर से बरसात से पहले स्टेट हाईवे पर पैच वर्क कराया गया था। जूनियर इंजीनियर के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में पैच वर्क से भरे गए गड्ढे एक सीजन तक चलने की उम्मीद रहती है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यहां पैच वर्क के महज एक माह के भीतर ही सड़क पर फिर से कई फीट गहरे गड्ढे बन गए।
गड्ढों में तब्दील सड़क बनी दुर्घटना का खतरा
धौलछीना से शेराघाट के बीच सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहे हैं। खासकर बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही छोटे-बड़े वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, कर्मचारी, विद्यार्थी और अन्य राहगीर इस सड़क से आवाजाही करते हैं। सड़क की लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण लोगों का समय और वाहन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
गड्ढे में पौधा रोपकर जताया विरोध
सड़क की बदहाली के प्रति विभाग का ध्यान आकर्षित करने के लिए ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। यूकेडी नेता विनय किरौला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सड़क के एक बड़े गड्ढे में पौधा रोप दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की मरम्मत के बजाय यदि गड्ढे इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले समय में इन गड्ढों में पौधे ही उगते नजर आएंगे।
ग्रामीणों का यह विरोध सड़क की वास्तविक स्थिति को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग को चेताने के उद्देश्य से किया गया।
एक सप्ताह में काम शुरू नहीं हुआ तो होगा आंदोलन : विनय किरौला
उत्तराखंड क्रांति दल नेता विनय किरौला ने लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि धौलछीना से शेराघाट तक सड़क पर बने गड्ढों को भरने का कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाना चाहिए। यदि निर्धारित समय में सड़क सुधार का काम शुरू नहीं हुआ तो विभाग के अधिशासी अभियंता का घेराव किया जाएगा और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विभाग को सड़क की वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों को भरने और मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा—सड़क सुधार में नहीं होनी चाहिए लापरवाही
ग्रामीणों का कहना है कि केवल औपचारिक पैच वर्क से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। सड़क की स्थिति को देखते हुए ऐसे स्थानों को चिन्हित कर मजबूत तरीके से मरम्मत किए जाने की आवश्यकता है, जहां बार-बार गड्ढे बन रहे हैं।
ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि धौलछीना से शेराघाट तक पूरे मार्ग का निरीक्षण कराया जाए और खतरनाक स्थानों पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिल सके तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क पर पौधा रोपण कर विरोध दर्ज कराने के दौरान यूकेडी नेता विनय किरौला, पूर्व प्रधान लिंगुड़ता वीरेंद्र सिंह, उप प्रधान संजय सिंह चम्याल, प्रधान लिंगुड़ता पंकज पांडे, केसर सिंह मेहता, आशुतोष भट्ट, कमल नेगी, विजय सिंह, पंकज भट्ट, गोपाल नेगी, संजय भट्ट, दयाल भट्ट, इंद्र सिंह नेगी, संजय पूना, राजेंद्र प्रसाद, मन सिंह चम्याल पूर्व प्रधान डुगरलेख, हरपाल नेगी, दीपक भट्ट, केशव चंद्र भट्ट, हीरा बल्लभ भट्ट, नारायण सिंह चम्याल, केसर नेगी, हरीश राम, नारायण सिंह चम्याल सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने साफ किया कि यदि सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।










