एक माह में मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा : भैंसियाछाना क्षेत्र में लंबे समय से चरमराई स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के तत्वावधान में स्थानीय निवासियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। विनय किरोला के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने सेराघाट व आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी चिकित्सकीय व्यवस्थाएं बहाल करने की आवाज उठाई। प्रदर्शन के अंत में देर शाम मौके पर पहुंचे प्रभारी चिकित्सक को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।








धरना स्थल पर जनता को संबोधित करते हुए यूकेडी नेता विनय किरोला ने कहा कि भैंसियाछाना जैसे दूरस्थ क्षेत्र की जनता आज भी सामान्य उपचार और आकस्मिक चिकित्सा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने अस्पताल में एएनएम की तत्काल नियुक्ति, नियमित दवा आपूर्ति, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, सुरक्षित प्रसव व्यवस्था, एक्स-रे मशीन, एंटी-वेनम और खून जांच जैसी बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द शुरू करने पर जोर दिया।

किरोला ने स्पष्ट किया कि “डॉक्टर दो, दवा दो—सेराघाट को हक दो” केवल एक नारा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की वास्तविक पीड़ा है। यदि प्रशासन एक माह के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो ग्रामीण क्रमिक अनशन के साथ आंदोलन को और उग्र रूप देंगे।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही भारी कठिनाई
प्रदर्शन में मौजूद ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी समाज के विकास की पहली जरूरत होती हैं। सुविधाओं के अभाव में विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को कई किलोमीटर दूर जाकर इलाज कराना पड़ता है, जिससे कई बार जान पर बन आती है।
ग्रामीणों ने “सेराघाट का हक, सेराघाट में उपचार—हमारा अधिकार” के गगनभेदी नारों के साथ शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द राहत देने की अपील की।
प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम, ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी
यूकेडी के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी ने कहा कि क्षेत्र की जनता के हक की लड़ाई को बीच में नहीं छोड़ा जाएगा। यदि दी गई समय-सीमा में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो सरकार और प्रशासन को जनआक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
देर शाम धरना स्थल पर पहुंचे प्रभारी चिकित्सक के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि एक माह के भीतर मांगें पूरी नहीं की गईं, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान यूकेडी जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, विनय किरौला, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, भैंसियाछाना की प्रधान रूपा मेहता, पूर्व प्रधान जगत सिंह वाणी, सुंदर मेहता, केसर सिंह मेहता, पूर्व प्रधान लिंगुड़ता वीरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, दीवान सिंह, इंद्र सिंह, दीपा वर्मा, चन्द्रा मेहता, गणेश सिंह, आशीष भट्ट, कुंदन सिंह, संजय सिंह चम्याल, नीरज सिंह चम्याल, मोहन सिंह खड़ाई, हेम चंद्र पांडे, केसर सिंह बोरा, गणेश उलसाई, दीपक बिष्ट, पंकज पांडे, दीवान सिंह मेहता, अक्षय टम्टा, सुरेश कुमार, हयात सिंह, राजेंद्र प्रसाद, राजू पांडे, वीरेन्द्र बिष्ट, इन्द्र नेगी, राजू गेड़ा, जगत सिंह मेहता, होशियार सिंह, कृपाल सिंह, देवेंद्र डसीला, तेज राम, राकेश सिंह रावत, मनोज नेगी, ललित नेगी, महिपाल सिंह और सुरेश सिंह समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।


