एक को बचाने उतरे तीन साथी भी नहीं लौटे
चंडीगढ़ से गंगाजल लेने आए थे 20 कांवड़िये
चेतावनी बोर्ड के बावजूद असुरक्षित स्थान पर नहाना पड़ा भारी
CNE REPORTER, हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दूसरे ही दिन उत्तराखंड के हरिद्वार में दर्दनाक हादसा हो गया। चंडीगढ़ से गंगाजल लेने आए चार कांवड़ियों की गंगनहर में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान एक युवक तेज बहाव में फंस गया। उसे बचाने के लिए उसके तीन दोस्त भी बिना देर किए पानी में उतर गए, लेकिन नदी की गहराई, तेज धारा और दलदली तल के कारण चारों युवक बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।
यह हादसा ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित जटवाड़ा पुल के समीप गंगनहर में हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद चारों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से आए कांवड़ियों का एक दल गंगाजल लेकर लौट रहा था। इसी दौरान कुछ युवक जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने लगे। नहाते समय एक युवक अचानक गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गया। उसे डूबता देखकर उसके तीन साथी मदद के लिए तुरंत पानी में कूद पड़े।
हालांकि, नदी का तल दलदली होने और पानी की गहराई अधिक होने के कारण चारों युवक खुद ही फंस गए। देखते ही देखते वे तेज धारा की चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह अधिकृत या सुरक्षित स्नान घाट नहीं था। वहां पहले से चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाए गए थे, जिनमें लोगों को गंगनहर में उतरने से मना किया गया था।
उन्होंने बताया कि गंगनहर के उस हिस्से का तल कीचड़युक्त और दलदली है। इसी कारण युवक नीचे धंस गए और तेज बहाव के चलते बाहर नहीं निकल पाए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा रही है।
20 दोस्तों का था समूह, लौटते समय हुआ हादसा
जिला अस्पताल पहुंचे कांवड़िये साहिल (24) ने बताया कि उनका लगभग 20 लोगों का समूह चंडीगढ़ से हरिद्वार गंगाजल लेने आया था। सभी ने हरकी पैड़ी से गंगाजल भर लिया था और वापस लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ साथी आगे-पीछे रह गए और जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने लगे।
साहिल के अनुसार, एक साथी अचानक गहरे गड्ढे में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी तीन साथी भी पानी में कूद पड़े, लेकिन गड्ढे की मिट्टी और दलदल में फंसने के कारण चारों बाहर नहीं निकल सके। साहिल ने बताया कि वह एक साथी को बाहर निकालने में सफल रहा, लेकिन अपने भाई को नहीं बचा पाया।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने चारों मृतकों की पहचान इस प्रकार की है—
- शिवांशु (16 वर्ष)
- नीतेश
- भरत
- रोहित
सभी मृतक चंडीगढ़ से कांवड़ यात्रा पर हरिद्वार आए थे।
रेस्क्यू अभियान चला, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ ने संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। गोताखोरों की मदद से चारों युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया।


