वरिष्ठ रेस्पिरेटरी मेडिसिन विशेषज्ञ को मिली नई जिम्मेदारी, तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (मेडिकल कॉलेज) अल्मोड़ा से संबद्ध बेस चिकित्सालय के सुचारु संचालन के लिए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश चंद्र पुनेरा को चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र पुनेरा को अगले आदेश तक बेस अस्पताल अल्मोड़ा का चिकित्सा अधीक्षक नामित किया गया है। इससे पहले इस पद का दायित्व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार सिंह संभाल रहे थे। उनका हाल ही में हरिद्वार स्थानांतरण होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था।

स्वास्थ्य सेवाओं में लंबा अनुभव
डॉ. दिनेश चंद्र पुनेरा चिकित्सा क्षेत्र में लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ चिकित्सक हैं। उन्होंने इससे पूर्व टीबी सेनिटोरियम भवाली तथा सुशीला तिवारी चिकित्सालय, हल्द्वानी में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। रेस्पिरेटरी मेडिसिन के विशेषज्ञ के रूप में उनकी पहचान कुशल चिकित्सक और दक्ष प्रशासक के रूप में रही है।
अस्पताल प्रशासन को मिलेगी नई दिशा
अल्मोड़ा का बेस चिकित्सालय जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सा अधीक्षक के रूप में डॉ. पुनेरा की नियुक्ति को अस्पताल के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में अस्पताल की व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार होगा, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा। चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा अस्पताल के प्रभावी संचालन में उनकी नई जिम्मेदारी अहम भूमिका निभाएगी।
जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल की जिम्मेदारी
बेस अस्पताल अल्मोड़ा कुमाऊं मंडल के महत्वपूर्ण सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां अल्मोड़ा के अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत तथा आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सा अधीक्षक का पद अस्पताल की व्यवस्थाओं, संसाधनों के प्रबंधन और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।



