पूरे जुलाई भर चलेगा फलदार पौधरोपण अभियान
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), मटेला ने पर्यावरण संरक्षण और बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हरेला हरित यज्ञ’ अभियान का शुभारंभ किया है। अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत मटेला में फलदार पौधों के रोपण के साथ की गई। यह विशेष कार्यक्रम पूरे जुलाई माह तक विभिन्न स्थानों पर संचालित किया जाएगा, जिसमें किसानों और ग्रामीणों को फलदार पौधों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से संचालित इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में माल्टा, कागजी नींबू तथा अन्य फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बागवानी को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना भी है।
किसानों को दी जाएगी वैज्ञानिक जानकारी
अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक किसानों को फलदार पौधों के चयन, रोपण, देखभाल, संरक्षण तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी देंगे। साथ ही हरेला पर्व की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
कार्यक्रम में लगभग 20 किसानों ने सक्रिय भागीदारी की। इसके अलावा ग्राम प्रधान मटेला, जिला विधिक प्राधिकरण, अल्मोड़ा के प्रतिनिधि तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिकाधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक समृद्धि पर भी जोर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फलदार वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि किसानों के लिए भविष्य में अतिरिक्त आय का भी सशक्त माध्यम बन सकते हैं। हरेला पर्व के माध्यम से प्रकृति संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र, मटेला ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल भी करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण मिल सके।


