सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) एवं जिला स्तरीय डेंगू निगरानी समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए तथा आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

बैठक के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, एएनसी (एंटीनेटल केयर), पीएनसी (पोस्टनेटल केयर), परिवार नियोजन, ओपीडी, आईपीडी, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम तथा गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की गई।
लक्ष्य से पीछे चल रहे कार्यक्रमों में विशेष अभियान के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनमें विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य हर हाल में हासिल किए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में डेंगू नियंत्रण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका को नियमित सफाई अभियान, जलभराव वाले स्थलों पर स्रोत नष्टकरण, एंटी-लार्वा गतिविधियां और आवश्यकतानुसार फॉगिंग सुनिश्चित करने को कहा।
वहीं, शिक्षा विभाग को विद्यालयों में विद्यार्थियों के माध्यम से डेंगू से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक बचाव का संदेश पहुंच सके।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू जांच किट, आवश्यक दवाएं, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी तथा उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही डेंगू के संदिग्ध मरीजों की नियमित निगरानी कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
मातृ मृत्यु रोकने के लिए हाई रिस्क गर्भवतियों पर विशेष निगरानी
बैठक में मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने हाई रिस्क गर्भवतियों की सतत निगरानी, समय पर एएनसी जांच, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और मजबूत रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
टीबी, बाल स्वास्थ्य और एनसीडी कार्यक्रमों की भी हुई समीक्षा
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम और एनसीडी कार्यक्रम के निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अमित मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनय कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आकाश कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



