फैली अफवाहों पर न दें ध्यान, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है नैनीताल पुलिस
श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा शुरू, दर्शन से पहले जान लें पूरा रूट डायवर्जन
CNE REPORTER, कैंची धाम। बाबा नीब करौरी महाराज के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस एवं मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। 15 जून को आयोजित होने वाले इस महापर्व में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, शटल सेवा और दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। स्थापना दिवस से एक दिन पहले 14 जून तक लगभग 20 हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य और सुचारू बनाए रखने का दावा किया गया है।

इस बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन भ्रामक सूचनाओं का खंडन किया है, जिनमें कैंची धाम क्षेत्र में स्थानीय लोगों को रोके जाने का दावा किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंची धाम, गरमपानी, हरतपा और आसपास के क्षेत्रों के सभी स्थानीय निवासी वैध स्थानीय पहचान पत्र दिखाकर निर्धारित व्यवस्था के तहत निर्बाध आवागमन कर सकते हैं। स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की अनावश्यक रोक-टोक नहीं की जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर ऐसे संदेशों को साझा करने से बचें।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कैंची धाम क्षेत्र के होटलों में जिन श्रद्धालुओं की कन्फर्म बुकिंग है, उनके वाहनों को भी अनुमति दी जा रही है। इसके लिए श्रद्धालुओं को होटल की पुष्ट बुकिंग दिखानी होगी, जिसके सत्यापन के बाद उन्हें आगे जाने दिया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि स्थानीय नागरिकों और वैध बुकिंग वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक सुविधा प्रदान की जाए।
स्थापना दिवस से पहले आला अधिकारियों ने किया निरीक्षण
15 जून को होने वाले स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, कुमाऊं रेंज की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने संयुक्त रूप से भवाली, भीमताल और कैंची धाम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भवाली सेनेटोरियम, नैनी बैंड, खुटानी तथा विकास भवन भीमताल में पार्किंग व्यवस्थाओं, बैरियर ड्यूटी, सुरक्षा इंतजामों और यातायात संचालन की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर स्थित कंट्रोल रूम और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था का भी बारीकी से परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन उपलब्ध कराने, बैरिकेडिंग और कतार प्रबंधन को मजबूत बनाने तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को जाम और अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
स्टिकर सिस्टम और शटल सेवा से यातायात हुआ सुचारू
पुलिस के अनुसार कैंची धाम मेला दिवस-2026 के दौरान स्टिकर सिस्टम और शटल सेवा यातायात प्रबंधन की सफलता की प्रमुख कुंजी साबित हो रहे हैं। शटल सेवा लगातार संचालित की जा रही है और सभी वाहन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। यातायात को नियंत्रित और व्यवस्थित रखने के लिए केवल निर्धारित स्टिकर लगे वाहनों को ही आवागमन की अनुमति दी जा रही है। इससे वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने में मदद मिल रही है और क्षेत्र में कहीं भी जाम की स्थिति नहीं है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू
पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले लागू ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन व्यवस्था का अध्ययन अवश्य कर लें। अधिक भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस द्वारा तैयार की गई व्यवस्थाओं का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने सभी यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है।
कैंची धाम से दर्शन कर लौटने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को सुचारू यातायात संचालन के लिए भवाली तिराहे से नैनीताल मार्ग की ओर उनके गंतव्य के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस बल लगातार मौके पर तैनात रहकर यातायात संचालन को नियंत्रित कर रहा है।
शटल बस और ई-रिक्शा की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम और असुविधा से बचाने के लिए काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल और भवाली से कैंची धाम तक निरंतर शटल बस सेवा संचालित की जा रही है। श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से इन निर्धारित स्थलों तक पहुंच सकते हैं और वहां से शटल सेवा का लाभ लेकर आसानी से कैंची धाम पहुंच सकते हैं।
इसके अलावा जंगलात बैरियर से आगे पैदल चलने में असमर्थ बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा की विशेष व्यवस्था की गई है, जो उन्हें सीधे मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचाएगी।
सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय इंतजाम
स्थापना दिवस के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में भारी पुलिस बल, विशेष सुरक्षा बलों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, सिविल पुलिस तथा लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के कई कर्मी सादे कपड़ों में भी निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन द्वारा पार्किंग स्थलों पर भी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं से सहयोग और स्वच्छता बनाए रखने की अपील
नैनीताल पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का अध्ययन करने की अपील की है। साथ ही कैंची धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने, कूड़ा-कचरा न फैलाने, भीड़ के दौरान विवाद से बचने तथा कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक बाबा के दर्शन करने का अनुरोध किया गया है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही स्थापना दिवस का यह विशाल आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाया जा सकता है।


