कैंची धाम मेले को लेकर दिए कड़े निर्देश
साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
CNE REPORTER, नैनीताल। भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी निवेदिता कुकरेती ने पुलिस महानिरीक्षक (IG), कुमायूँ परिक्षेत्र के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी कार्यशैली के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं, जिसमें कानून का शासन और जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। परिक्षेत्रीय कार्यालय पहुँचने पर उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ परिचय बैठक की और क्षेत्र की भौगोलिक एवं अपराध संबंधी स्थितियों का फीडबैक लिया।

पदभार ग्रहण करने के बाद आयोजित पहली पत्रकार वार्ता में आईजी निवेदिता कुकरेती ने अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुमायूँ मंडल में शांति व्यवस्था बनाए रखना और महिलाओं व बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग को और अधिक मानवीय और उत्तरदायी बनाया जाएगा ताकि पीड़ित व्यक्ति बिना किसी भय के अपनी शिकायत दर्ज करा सके।
साइबर अपराध और नशा मुक्ति के लिए बनेगी रणनीति
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए आईजी ने कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम पुलिसिंग आज के समय की मांग है। उन्होंने साइबर सेल को और अधिक सशक्त बनाने और जनता के बीच जागरूकता फैलाने पर बल दिया। इसके साथ ही, युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कैंची धाम मेला और पर्यटन सीजन हेतु “प्लान-2026”
वर्तमान में चल रहे पर्यटन सीजन और आगामी विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस मेले को देखते हुए आईजी ने यातायात और भीड़ प्रबंधन को सबसे बड़ी चुनौती माना। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पार्किंग, शटल सेवा और ट्रैफिक डायवर्जन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना लागू की जा रही है। उनका लक्ष्य है कि देवभूमि आने वाला हर पर्यटक एक सुरक्षित और सुखद अनुभव लेकर वापस जाए।
आधुनिक पुलिसिंग और स्मार्ट समाधान
पुलिस महानिरीक्षक ने बल के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए डेटा एनालिटिक्स और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने पुलिस कर्मियों के कल्याण (Police Welfare) की बात करते हुए कहा कि फील्ड में तैनात जवानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उनके स्वास्थ्य और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: कैंची धाम का स्थलीय निरीक्षण
पदभार संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर आईजी निवेदिता कुकरेती एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने सीधे कैंची धाम का रुख किया और वहां की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा घेरे, आपातकालीन निकासी मार्गों और श्रद्धालुओं की कतार प्रबंधन का बारीकी से जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भी संवाद किया। आईजी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि मेले की सफलता पुलिस, मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन के आपसी तालमेल पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर संपर्क में रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए “क्विक रिस्पांस टीम” सदैव तैयार रहे।


