खुले में सीवर बहाने वालों पर भड़के, दिए सख्त निर्देश
CNE REPORTER, पनुवानौला। जनपद के विकास और व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए डीएम अंशुल सिंह पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अमले के साथ पनुवानौला कस्बे का औचक पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पनुवानौला गोल्ज्यु मंदिर से लेकर वन विभाग की जागेश्वर रेंज चौकी तक मुख्य बाजार की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। पैदल भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय जनता और व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी जनसमस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

पैदल भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह उस समय बेहद नाराज दिखे, जब उन्होंने देखा कि कस्बे के कई हिस्सों में सीवर का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नालियों में सीवर का पानी बहाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह खुले में सीवर बहाकर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय लोगों को अविलंब इस पर रोक लगाने की हिदायत दी और चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर सीवर की स्थिति ठीक नहीं की गई, तो संबंधित उत्तरदायियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पनुवानौला सीवर लाइन के लिए बनेगी डीपीआर
कस्बे में सीवर और जलभराव की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दूरगामी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पनुवानौला की भौगोलिक स्थिति और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक सुव्यवस्थित सीवर लाइन योजना तैयार करने को कहा। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द एक विस्तृत कार्ययोजना यानी डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया, ताकि कस्बे को इस बड़ी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके।
जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति, वन भूमि हस्तांतरण में तेजी के निर्देश
पनुवानौला बाजार की दूसरी सबसे बड़ी समस्या रोज-रोज लगने वाला भारी ट्रैफिक जाम है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा पनुवानौला मुख्य बाजार से लेकर वन विभाग चौकी तक एक बाईपास या लिंक मार्ग प्रस्तावित किया गया है। जिलाधिकारी ने इस प्रस्तावित मार्ग के निर्माण में आ रही अड़चनों की समीक्षा की। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Transfer) के मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बनाकर इस प्रक्रिया को तीव्र गति से आगे बढ़ाएं, ताकि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर जनता को जाम से मुक्ति दिलाई जा सके।
कूड़े की समस्या पर जिला पंचायत को फटकार, निस्तारण के आदेश
बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई की लचर व्यवस्था और जगह-जगह बिखरे कूड़े को देखकर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कूड़े की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाजार क्षेत्र से नियमित रूप से कूड़े का उठान सुनिश्चित किया जाए और उसके वैज्ञानिक निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने साफ किया कि स्वच्छता के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
पैदल भ्रमण के दौरान क्षेत्र के तमाम आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिनमें उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भनोली सौम्या गर्बयाल, तहसीलदार भनोली ज्योति धपवाल, डीएफओ अल्मोड़ा (सिविल सोयम) प्रदीप कुमार धौलाखण्डी, एआरटीओ अल्मोड़ा अखिलेश चौहान, थानाध्यक्ष दन्यां दिनेश नाथ महंत और चौकी प्रभारी कमित जोशी शामिल थे। इसके अलावा पनुवानौला व्यापार मंडल के पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी इस दौरान अपनी समस्याएं रखने के लिए उपस्थित रहे।


