न पार्किंग की व्यवस्था, न शौचालय की सुविधा
फाइल में दबी सीएम की घोषणा
CNE REPORTER, पनुवानौला (अल्मोड़ा)। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम के मुख्य कस्बे और अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 309-बी पर स्थित पनुवानौला बाजार इन दिनों गंभीर नागरिक समस्याओं से जूझ रहा है। बाजार में पार्किंग की व्यवस्था न होने से जहाँ हर रोज भयानक ट्रैफिक जाम लग रहा है, वहीं मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय न होने से पर्यटकों और स्थानीय महिलाओं को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।

पनुवानौला बाजार में पार्किंग स्थल न होने के कारण वाहन चालक और टैक्सी ऑपरेटर अपनी गाड़ियां मुख्य मार्ग पर ही खड़ी करने को मजबूर हैं। इसके चलते सड़क बेहद संकरी हो जाती है और पलक झपकते ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इस रोजाना के जाम से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बैंकों में आने वाले बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। कई बार आपातकालीन वाहन जैसे एम्बुलेंस, पानी के टैंकर और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी इस जाम में घंटों फंसी रहती हैं, जिससे किसी बड़ी अनहोनी का खतरा हमेशा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पनुवानौला न केवल एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, बल्कि यह कई ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और सीमांत जिले पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला मुख्य पड़ाव भी है। यहाँ से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। निर्धारित टैक्सी स्टैंड न होने से सड़क के दोनों ओर बेतरतीब खड़े वाहन इस हाईवे को एक संकरी गली में तब्दील कर देते हैं, जिससे पर्यटकों और राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
इस विकराल समस्या को देखते हुए साल 2023 में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पनुवानौला मुख्य बाजार के पास वन चौकी तक पार्किंग निर्माण की घोषणा की थी। विडंबना यह है कि यह घोषणा आज भी सरकारी फाइलों में ही घूम रही है। इस संबंध में एनएच (NH), राजस्व विभाग, जिला प्रशासन, जिला विकास प्राधिकरण, वन विभाग अल्मोड़ा और पेयजल निर्माण निगम रानीखेत द्वारा कई बार संयुक्त सर्वे रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी खुद भी इस जाम में कई बार फंसकर हलकान हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
लगातार लग रहे इस भयानक जाम के कारण पनुवानौला का स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों के अनुसार, जाम और अफरातफरी के माहौल को देखकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अब बाजार आने से डरने लगे हैं। दूसरी ओर, टैक्सी चालकों और वाहन स्वामियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कोई समुचित व्यवस्था न किए जाने के कारण वे भी बीच सड़क पर वाहन खड़े करने को मजबूर हैं।
हाईटेक शौचालय न होने से महिलाएं और पर्यटक परेशान
पार्किंग के अलावा पनुवानौला बाजार की दूसरी सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक शौचालय का न होना है। जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आदि कैलाश यात्रा पर जाने वाले सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। मुख्य मार्ग पर शौचालय की सुविधा न होने के कारण विशेषकर महिला पर्यटकों, स्थानीय महिलाओं और राहगीरों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पर्यटन प्रदेश की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
जनता और व्यापारियों ने की मल्टीस्टोरी पार्किंग की मांग
स्थानीय व्यापारियों, वाहन स्वामियों और क्षेत्र की जनता ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की पुरजोर अपील की है। उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत पनुवानौला बाजार से लेकर वन विभाग की चौकी तक उपलब्ध भूमि पर तत्काल एक ‘मल्टीस्टोरी पार्किंग’ का निर्माण किया जाए। साथ ही, उसी परिसर में एक ‘हाईटेक शौचालय’ की व्यवस्था भी की जाए, जिससे क्षेत्र को जाम से मुक्ति मिल सके और महिलाओं व पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जिम्मेदारों के बोल:
दुर्घटना का बना रहता है खतरा “विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले मुख्य बाजार पनुवानौला में हर घंटे में जाम लगना अब एक आम बात हो गई है। यहाँ स्थिति इतनी संवेदनशील हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। क्षेत्र के हित में पार्किंग का यथाशीघ्र निर्माण होना अति आवश्यक है।” — रवि बनौला, जिला उपाध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, अल्मोड़ा।
बच्चों को सड़क पार कराना भी मुश्किल “पनुवानौला बाजार में पार्किंग की बहुत सख्त जरूरत है। जाम के कारण कभी-कभी स्कूली बच्चों को सड़क पार करना भी बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे मासूमों की जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। शासन-प्रशासन को जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।” — गोपाल सिंह मेहता, अध्यक्ष, व्यापार मंडल, पनुवानौला।


