➤ वनाग्नि की घटनाएं मुसीबत: कहीं रिहायशी मकानों को खतरा बन रही, कहीं जनस्वास्थ्य हो रहा प्रभावित

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: जिले के दुग नाकुरी तहसील अंतर्गत एक पोकलैंड मशीन जंगल के आग की भेंट चढ़ गई। जिले में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं ने वन संपदा को भारी नुकसान तो पहुंचाया ही है, साथ ही वातावरण दूषित कर जन स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगा है। जिससे मुश्किलें पैदा हो गई हैं।
जिले की दुग नाकुरी तहसील क्षेत्रांतर्गत जंगल की आग ने एक पोकलैंड मशीन को अपने आगोश में लेकर राख कर दिया। जिससे उसके स्वामी को बड़ी हानि पहुंची है। पीड़ित धन सिंह बाफिला ने पुलिस में तहरीर सौंपी है। उन्होंने कहा कि ग्राम बैकोड़ी में कमला बाफिला सोप स्टोन टोटीगाड़ में है। इस माइन में उनकी पौकलैंड मशीन खड़ी थी। माइन चारों ओर से जंगलों से घिरी है। इन दिनों जंगलों में आग लगी है। जंगल की आग से उनकी पौकलैंड मशीन पूरी तरह जल गई है। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

एक के बाद एक जंगल आग की चपेट में आ रहे हैं। कहीं जंगल की आग रिहायशी इलाकों तक पहुंच रही है। वन विभाग, दमकल विभाग व ग्रामीण दिन-रात आग बुझाने में लगे हैं। मल्ला मनकोट, छाती, कौसानी तथा रवाईखाल के जंगल जलकर राख हो गए हैं। लगातार हो रही आग की घटनाओं ने वातावरण पूरी तरह दूषित हो गया है। लोगों को आंखों में जलन महसूस हो रही है। रविवार की रात मल्ला मनकोट के जंगल की आग एक महिला के घर के पास पहुंच गई। अपने घर को बचाने के लिए वह आग बुझाने में जुट गई। बाद में जय प्रकाश गाड़िया और इंद्र बोरा ने मिलकर आग पर काबू पाया। छाती के जंगल की आग वन विभाग ने बुझाई। दमकल विभाग को सूचना मिली कि कौसानी के सीमा गांव के जंगलों में भयंकर आग फैल गई थी। सूचना मिलते ही फायर यूनिट गरुड़ ने मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इसी दौरान आग की लपटें चाय बागान के बिल्कुल नजदीक पहुंच गई है। यहां की आग को भी किसी तरह काबू किया गया। बागेश्वर फायर स्टेशन की टीम ने रवाईखाल के जंगल की आग पर काबू पाया।



