HomeUttarakhandBageshwarनामती-चेटाबगड़ में संचार सेवा ठप: छह दिनों से शोपीस बना BSNL टावर

नामती-चेटाबगड़ में संचार सेवा ठप: छह दिनों से शोपीस बना BSNL टावर

ग्रामीणों में भारी रोष,संपर्क विहीन हुआ पूरा इलाका

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर जनपद के नामती-चेटाबगड़ क्षेत्र में दूरसंचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले छह दिनों से क्षेत्र का एकमात्र बीएसएनएल मोबाइल टावर तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। डिजिटल इंडिया के दौर में संचार सुविधाओं से कट चुके ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन विभाग की कुंभकर्णी नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है।

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बीते छह मई से टावर बंद होने के कारण नामती-चेटाबगड़ और आसपास के दर्जनों गांवों की संचार व्यवस्था ठप है। इंटरनेट और मोबाइल कॉलिंग बंद होने से छात्रों की पढ़ाई, बैंकिंग कार्य और आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्थिति यह है कि किसी अनहोनी या बीमारी की स्थिति में ग्रामीण एंबुलेंस तक बुलाने के लिए मीलों दूर दौड़ने को मजबूर हैं।

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से गहराया संकट

भाजपा बूथ अध्यक्ष नामती-चेटाबगड़ एवं प्रधान प्रतिनिधि चरन कोश्यारी ने इस समस्या पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह पूरे क्षेत्र का एकमात्र टावर है, जिसके भरोसे हजारों की आबादी टिकी है। टावर के बंद होने से लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वह लगातार जनहित के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की बेरुखी ने संकट को और बढ़ा दिया है।

विभागीय अधिकारियों ने साधी चुप्पी

विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चरन कोश्यारी ने आरोप लगाया कि दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में बार-बार फोन और मैसेज के माध्यम से सूचित किया गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी न तो फोन उठा रहे हैं और न ही किसी संदेश का जवाब दे रहे हैं। अधिकारियों की यह संवेदनहीनता ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का रही है।

कार्यकर्ताओं की अनसुनी पर उठे सवाल

कोश्यारी ने सरकार और संगठन के भीतर भी संवादहीनता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह नि:स्वार्थ भाव से लंबे समय से पार्टी और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में जुटे हैं, लेकिन जब जनहित के गंभीर मुद्दों पर जिम्मेदार पदाधिकारी और अधिकारी संपर्क तक नहीं करते, तो निराशा होना स्वाभाविक है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधियों और समर्पित कार्यकर्ताओं की बात ही नहीं सुनी जाएगी, तो आम जनता की शिकायतों का निस्तारण आखिर कैसे होगा।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही मोबाइल टावर को ठीक कर संचार व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी और बीएसएनएल के उच्चाधिकारियों से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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