200 के आंकड़े के करीब पहुंची ‘कमल’ की लहर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती 10 राउंड के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रुझानों में बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा बंगाल की सत्ता पर काबिज होने की ओर मजबूती से बढ़ रही है।


ताजा चुनावी आंकड़े और रुझान
राज्य की 293 सीटों पर चल रही मतगणना के ताजा आंकड़े इस प्रकार हैं:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): भाजपा फिलहाल 199 सीटों पर आगे चल रही है और उसने आधिकारिक रूप से 7 सीटें जीत ली हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि देर शाम तक पार्टी 200 का आंकड़ा पार कर लेगी।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC): सत्ताधारी टीएमसी के लिए नतीजे निराशाजनक दिख रहे हैं। पार्टी केवल 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और अब तक केवल 1 सीट पर जीत दर्ज कर पाई है।
- अन्य: अन्य दलों और निर्दलीयों का प्रदर्शन फिलहाल काफी कमजोर नजर आ रहा है।
फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से आज केवल 293 सीटों पर ही मतगणना हो रही है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के चलते शनिवार को वहां 21 मई को पुनर्मतदान कराने की घोषणा की थी। फाल्टा सीट के परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बदली हुई व्यवस्था
चुनाव आयोग ने इस बार मतगणना प्रक्रिया को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
- मतगणना केंद्रों में कमी: सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से केंद्रों की संख्या घटाई गई है। जहाँ 2016 में 90 और 2021 में 108 केंद्र थे, वहीं इस बार पूरे राज्य में केवल 77 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
- थ्री-लेयर सुरक्षा घेरा: सभी केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। मतगणना कक्ष (सबसे भीतरी स्तर) की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से केंद्रीय बल के कर्मियों के पास है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
निष्कर्ष
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, टीएमसी का ग्राफ लगातार नीचे गिरता जा रहा है, जबकि भाजपा की बढ़त और अधिक मजबूत होती दिख रही है। राज्य भर के 77 केंद्रों पर औसतन 10 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और शाम तक तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। बंगाल में ‘सत्ता परिवर्तन’ की आहट अब साफ सुनाई दे रही है।


