वन भर्ती में आयु सीमा बढ़ी और मदरसों को बड़ी राहत
CNE REPORTER, देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास और युवाओं के हित से जुड़े कुल 18 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इन ऐतिहासिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।


सरकार ने जहां एक ओर युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खोलते हुए आयु सीमा में बड़ी छूट दी है, वहीं कुंभ मेले की तैयारियों और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी ठोस कदम उठाए हैं।
1. वन विभाग: भर्ती नियमों में बदलाव और ‘एलीफेंट-प्रूफ’ योजना
कैबिनेट ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और भर्तियों में दो क्रांतिकारी बदलाव किए हैं:
- आयु सीमा में भारी छूट: प्रदेश के युवाओं को बड़ी राहत देते हुए वन दरोगा सीधी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है। इसके साथ ही, वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
- मौन पालन नीति 2026: जंगलों की सीमाओं पर अब मधुमक्खी पालन (मौन पालन) को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके पीछे दोहरी रणनीति है—पहला, स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ाना और दूसरा, मानव-हाथी संघर्ष को रोकना (हाथी मधुमक्खियों की भिनभिनाहट से दूर रहते हैं)।
2. मदरसा शिक्षा: जिला स्तर पर मिलेगी मान्यता
‘उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025’ के तहत मदरसों के संचालन को सरल बनाया गया है:
- कक्षा 1 से 8 तक: प्रदेश के 452 मदरसों को अब मान्यता के लिए उत्तराखंड बोर्ड के चक्कर नहीं काटने होंगे; उन्हें जिला स्तर से ही मान्यता मिल जाएगी।
- कक्षा 9 से 12 तक: केवल उच्च स्तर की शिक्षा देने वाले 52 मदरसों को ही उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध होना अनिवार्य होगा।
3. कुंभ मेला 2025: अधिकारियों को मिली ‘पावर’
कुंभ मेले के कार्यों में विलंब न हो, इसके लिए वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया है:
- मेला अधिकारी: अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वयं स्वीकृत कर सकेंगे।
- गढ़वाल आयुक्त: उन्हें 5 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने का अधिकार दिया गया है।
- इससे ऊपर की लागत वाले कार्यों के लिए ही शासन की अनुमति की आवश्यकता होगी।
4. परिवहन और बुनियादी ढांचा
- GST का फायदा, ज्यादा बसें: परिवहन विभाग में GST दरों के 28% से घटकर 18% होने के कारण, सरकार ने बजट का कुशल प्रबंधन करते हुए अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदने का निर्णय लिया है। साथ ही प्रवर्तन सिपाहियों के लिए नई वर्दी को भी मंजूरी दी गई।
- ठेकेदारों के लिए बढ़ी सीमा: ‘D’ श्रेणी के ठेकेदारों के लिए कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे छोटे ठेकेदारों को अधिक काम मिल सकेगा।
5. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: एक नजर में
| विभाग | प्रमुख निर्णय |
| कार्मिक विभाग | सरकारी भर्तियों की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) एक साल तक वैध रहेगी। |
| शिक्षा | ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों को भी मिलेगा। |
| विशेष शिक्षा | सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विशेष शिक्षक शिक्षा नियमावली को मंजूरी दी गई। |
| सैनिक कल्याण | जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अब महत्वपूर्ण समितियों में सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। |
| आबकारी | वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में संशोधन कर व्यय दर 6% निर्धारित की गई। |
निष्कर्ष:
धामी कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार का फोकस आगामी महाकुंभ की भव्यता, युवाओं को रोजगार के अवसर देने और प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर है। वन विभाग में आयु सीमा बढ़ाना उन हजारों युवाओं के लिए संजीवनी जैसा है जो पिछले कुछ वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे थे।


