HomeUttarakhandBageshwarआंधी-तूफान के बाद बागेश्वर में मंडरा रहा बड़ा खतरा

आंधी-तूफान के बाद बागेश्वर में मंडरा रहा बड़ा खतरा

असुरक्षित पेड़ों और लटकते होर्डिंग्स से जानमाल का जोखिम

CNE REPORTER, बागेश्वर : जनपद में बीते दिवस आए भीषण आंधी-तूफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के कारण न केवल विशाल पेड़ धराशायी हुए, बल्कि सड़कों के किनारे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगे भारी-भरकम विज्ञापन फ्लेक्स, होर्डिंग्स और लोहे के फ्रेम उखड़कर मुख्य मार्ग पर आ गिरे।

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इस प्राकृतिक आपदा के दौरान कई राहगीर और वाहन चालक बाल-बाल बचे, जबकि कुछ स्थानों पर लोगों के चोटिल होने और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि तूफान थमने के बाद भी खतरा टला नहीं है, क्योंकि कई स्थानों पर जर्जर हो चुके पेड़ और लटके हुए होर्डिंग्स राहगीरों के लिए काल बनकर खड़े हैं।

नगर की भौगोलिक स्थिति और वर्तमान हालातों को देखते हुए स्थानीय नागरिकों में भारी भय व्याप्त है। आंधी के प्रभाव से सड़कों के किनारे खड़े कई विशालकाय पेड़ों की जड़ें कमजोर हो गई हैं, जो किसी भी समय गिरकर बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसके साथ ही, शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों में ठेकेदारों व विज्ञापन एजेंसियों द्वारा लगाए गए अस्थायी बोर्ड अब मौत का फंदा नजर आ रहे हैं। मानकों को ताक पर रखकर लगाए गए ये लोहे के ढांचे और फ्लेक्स हल्की हवा में भी डगमगा रहे हैं, जिससे बाजार आने वाले ग्राहकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने जताई गंभीर चिंता

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश रौतेला ने इस गंभीर स्थिति पर गहरा रोष प्रकट करते हुए प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उनका कहना है कि नगर में कई ऐसे विशालकाय पीपल के पेड़ हैं जो अब गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं। विशेषकर स्टेशन क्षेत्र में स्थित दो विशाल पेड़ वर्तमान में सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के समय ये पेड़ और असुरक्षित तरीके से लगाए गए विज्ञापन बोर्ड जानलेवा साबित हो रहे हैं।

जवाबदेही तय करने और लाइसेंस अनिवार्य करने की मांग

राजेश रौतेला ने प्रशासन से मांग की है कि जिन विज्ञापन एजेंसियों, संस्थाओं या व्यक्तिगत दुकानदारों ने असुरक्षित ढंग से होर्डिंग्स लगाए हैं, उनकी सीधी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि भविष्य में नगर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का फ्लेक्स या बोर्ड लगाने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया जाए और सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच हो।

अध्यक्ष ने प्रशासन से एक विशेष अभियान चलाकर सभी जर्जर पेड़ों की छंटान करने और अवैध रूप से लगे खतरनाक होर्डिंग्स को तुरंत हटाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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