सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत टांडा रेंज से सटे शाह पठानी खत्ता इलाके में मंगलवार की रात एक जंगली हाथी ने भारी तबाही मचाई। जंगल से निकलकर आबादी की ओर आए एक उन्मत्त हाथी ने दो व्यक्तियों पर जानलेवा हमला कर उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाथी ने दोनों पीड़ितों को पहले सूंड से उठाकर जमीन पर पटका और फिर अपने भारी पैरों से उन्हें रौंद डाला, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।



हाथी की गतिविधियों पर नजर
घटना का पता बुधवार की अलसुबह चला जब स्थानीय ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से बाहर निकले। सन्नाटे को चीरती हुई इस खबर ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक जांच के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि वन विभाग ने हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार रात करीब 11:30 बजे का है। उस वक्त अधिकतर लोग सो रहे थे, जिसका फायदा उठाते हुए हाथी सुरक्षा घेरों को लांघकर आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया। देर रात होने के कारण चीख-पुकार किसी को सुनाई नहीं दी और सुबह होने तक दोनों शव घटनास्थल पर ही पड़े रहे।
घटना से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- सुरक्षा घेरा तोड़कर हमला: हाथी जंगल और आबादी के बीच लगाए गए सुरक्षा तारों को तोड़कर अंदर दाखिल हुआ था, जिससे सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
- मृतकों की पहचान: मृतकों में एक की पहचान 75 वर्षीय बांधो प्रजापति के रूप में हुई है, जो झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में अपनी बेटी के पास रह रहे थे। दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है; वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है जो अक्सर क्षेत्र में घूमता रहता था।
- अंतिम क्षणों का संघर्ष: ग्रामीणों ने बताया कि बांधो प्रजापति को घायल अवस्था में एक झोपड़ी तक लाया गया था। उनकी कमर और पैर बुरी तरह टूट चुके थे, अत्यधिक चोटों के कारण उन्होंने उपचार मिलने से पहले ही दम तोड़ दिया।
- रुकी हुई धनराशि का इंतजार: पड़ोसियों ने भावुक होते हुए बताया कि बांधो प्रजापति वन विभाग में फंसे अपने करीब ढाई लाख रुपये लेने के इंतजार में यहां रुके हुए थे। वह अक्सर अपनी रुकी हुई रकम मिलने की उम्मीद जताया करते थे।
- प्रशासनिक कार्रवाई: पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी और रेंजर रूपनारायण गौतम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी है ताकि हाथी को दोबारा आबादी की ओर आने से रोका जा सके।
इस हृदयविदारक घटना के बाद से शाह पठानी खत्ता और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी रोष और डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जंगली जानवरों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।


