वार्ता के बाद काम पर लौटे मजदूर
सीएनई रिपोर्टर, लालकुआं : क्षेत्र स्थित निजी क्षेत्र की प्रमुख इकाई मदरसन कंपनी में पिछले दो दिनों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। प्रशासन और श्रम विभाग की मध्यस्थता के बाद श्रमिक और प्रबंधन के बीच सहमति बन गई है, जिसके उपरांत बुधवार से फैक्ट्री में उत्पादन कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
विवाद की पृष्ठभूमि और वार्ता का दौर
विवाद की शुरुआत 20 अप्रैल को हुई थी, जब विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिक और प्रबंधन आमने-सामने आ गए थे। स्थिति को बिगड़ता देख जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
- प्रथम चरण की वार्ता: 20 अप्रैल को श्रम विभाग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को मेज पर लाया गया।
- निर्णायक बैठक: गतिरोध पूरी तरह समाप्त न होने पर 21 अप्रैल को पुनः उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और श्रम विभाग के अधिकारियों ने सेतु का काम किया।
सकारात्मक संवाद से बनी सहमति
घंटों चली मैराथन बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। प्रशासन के कड़े रुख और सकारात्मक संवाद के परिणामस्वरूप प्रबंधन और श्रमिकों के बीच एक साझा सहमति बनी। समझौते के बाद श्रमिकों ने अपना विरोध वापस ले लिया और कारखाने के भीतर मशीनें फिर से गूंजने लगीं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यद्यपि कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन ने ढील नहीं बरती है।
“कंपनी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती बनी हुई है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शांति एवं कानून व्यवस्था में कोई खलल न पड़े।” — प्रशासनिक आधिकारिक वक्तव्य
प्रशासन की सख्त चेतावनी
क्षेत्र में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई भी अराजक तत्व या बाहरी व्यक्ति औद्योगिक शांति को भंग करने या कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और औद्योगिक इकाई में कामकाज सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।




