500 की आबादी बूंद-बूंद को तरसी, उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: जनपद के नगर क्षेत्र अंतर्गत ज्वालादेवी वार्ड में पिछले 10 दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे गया है। मजियाखेत और आसपास के इलाकों में जल संकट इस कदर गहरा गया है कि करीब 100 परिवारों की 500 की आबादी को दैनिक कार्यों के लिए दो किलोमीटर पैदल चलकर पानी ढोना पड़ रहा है। आक्रोशित जनता ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मजियाखेत में पेट्रोल पंप के समीप रहने वाले लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कर्मचारी, शिक्षक और व्यापारी वर्ग निवास करता है, जिन्हें पानी की कमी के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, जिनका पूरा समय दूरदराज के प्राकृतिक स्रोतों (मांगधारे) से पानी लाने में व्यतीत हो रहा है।
💧 संकट का मुख्य विवरण और स्थानीय मांग
जखेड़ा और अमसरकोट पेयजल योजनाओं से जुड़ी इस सप्लाई के बंद होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने समस्या के समाधान हेतु निम्नलिखित मांगें और बिंदु साझा किए हैं:
- पुरानी पाइपलाइन: ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है, जिसे तुरंत बदला जाना अनिवार्य है।
- प्रभावित क्षेत्र: ज्वालादेवी वार्ड के मजियाखेत और आसपास के मोहल्ले पिछले 10 दिनों से सूखे हैं।
- दूरी का कष्ट: लोगों को पानी के लिए करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित मांगधारे पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
- प्रमुख प्रदर्शनकारी: भरत सिंह, लीलाधर चौबे, पूर्व विधायक उमेद सिंह माजिला, आनंद सिंह, आशा जोशी, निर्मला देवी और अंजू ने विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया है।
📋 विभागीय पक्ष और आश्वासन
इस गंभीर समस्या पर जल संस्थान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विभाग के अनुसार तकनीकी खामियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
| पदनाम | अधिकारी का नाम | कार्रवाई का आश्वासन |
|---|---|---|
| अधिशासी अभियंता (जल संस्थान) | डीएस बिष्ट | प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। |
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नोट: स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि टैंकर केवल तात्कालिक समाधान है, उन्हें स्थायी रूप से सुचारू पाइपलाइन आपूर्ति चाहिए। यदि अगले कुछ दिनों में स्थिति नहीं सुधरी, तो जल संस्थान के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।




