16 लाख से अधिक की स्मैक बरामद
बरेली कनेक्शन का खुलासा
CNE REPORTER, हल्द्वानी (नैनीताल): मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन” के तहत नैनीताल पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। काठगोदाम पुलिस ने बरेली से तस्करी कर लाई जा रही 16 लाख 44 हजार रुपये मूल्य की स्मैक के साथ एक आरोपी दिलशाद को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी टैम्पो चलाने की आड़ में मौत का सामान सप्लाई कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष विमल मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्धों की निगरानी कर रही थी। 17 अप्रैल 2026 को चेकिंग के दौरान कुंवरपुर बाईपास से गौलानदी जाने वाले कच्चे रास्ते पर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 54.80 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी की पहचान दिलशाद पुत्र हामिद, निवासी इन्द्रा नगर, बनभूलपुरा (उम्र 34 वर्ष) के रूप में हुई है।
एसएसपी नैनीताल के निर्देशन में तस्करों की टूटी कमर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉक्टर मंजूनाथ टीसी के कड़े निर्देशन में जनपद में ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। एसएसपी ने जनपद के सभी थाना प्रभारियों और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ड्रग्स माफियाओं पर पैनी नजर रखी जाए। इसी अभियान का नतीजा है कि जनवरी 2026 से अब तक नैनीताल पुलिस ने कुल 20 मामले दर्ज कर 25 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है और 04 करोड़ 15 लाख 60 हजार 80 रुपये की भारी मात्रा में स्मैक बरामद की है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी दिलशाद ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि वह केवल चौथी कक्षा तक पढ़ा है और बनभूलपुरा क्षेत्र में टैम्पो चलाता है। टैम्पो चलाने की आड़ में वह पुलिस की नजरों से बचकर नशे की सप्लाई करता था। बरामद की गई स्मैक वह इज्जतनगर, बरेली (उत्तर प्रदेश) से खरीदकर लाया था और हल्द्वानी के युवाओं को ऊंचे दामों में बेचने की फिराक में था। आरोपी के खिलाफ थाना काठगोदाम में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री का सपना: ड्रग्स फ्री देवभूमि
यह पूरी कार्यवाही मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन” और अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि समाज से नशे की जड़ को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है।
पुलिस टीम की सफलता: इस बड़ी कामयाबी में उप निरीक्षक दिलीप कुमार (थाना काठगोदाम), हेड कांस्टेबल दीपक कुँवर (चौकी खेड़ा), कांस्टेबल प्रेम प्रकाश (चौकी खेड़ा) और कांस्टेबल अशोक रावत (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की मुख्य भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक सिटी हल्द्वानी ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि नशा पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। विशेषकर युवाओं को नशे के चंगुल से बचना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नशे के कारोबार में लिप्त दिखे, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।


