HomeBreaking NewsFACT CHECK: क्या भारत के शहरों में फैल गया है जानलेवा 'जांबी...

FACT CHECK: क्या भारत के शहरों में फैल गया है जानलेवा ‘जांबी ड्रग’?

ADVERTISEMENTS

जानें वायरल वीडियो और दावों का सच

विशेष इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

नई दिल्ली | पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (WhatsApp, Instagram, X) पर कुछ विचलित करने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में युवाओं को सड़कों पर ‘मरे हुए इंसान’ या ‘जांबी’ की तरह अजीबोगरीब हरकते करते देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका को बर्बाद करने वाला ‘जांबी ड्रग’ (जाइलाज़ीन) अब भारत के महानगरों में पहुँच चुका है।

⚡ Exclusive Fact Check क्या भारत के शहरों में सचमुच फैल गया है 'जांबी ड्रग'? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई यहाँ पढ़ें...

Authentic Investigation/FACT CHECK-यहाँ पढ़ें सच्चाई:


1. वायरल वीडियो का सच: बेंगलुरु का मामला

सबसे ज्यादा चर्चा बेंगलुरु के बागलूर और इलेक्ट्रॉनिक सिटी के वीडियो की हुई।

  • दावा: बेंगलुरु की सड़कों पर ‘जांबी ड्रग‘ के कारण युवक स्थिर (Freeze) हो गए।
  • तथ्य: बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की और पाया कि उक्त व्यक्ति गठिया (Arthritis) और गंभीर साइनस की बीमारी से जूझ रहा था।
  • आधिकारिक बयान: > “सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। चिकित्सा परीक्षण में युवक के शरीर में किसी भी प्रकार के ‘जांबी ड्रग’ के अंश नहीं मिले। यह एक स्वास्थ्य समस्या और दवाओं के रिएक्शन का मामला था। अफवाह फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” > — डीसीपी, उत्तर-पूर्व बेंगलुरु (आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग)

2. आधिकारिक जांच: क्या NCB को मिला ‘जांबी ड्रग’?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), जो भारत में नशीली दवाओं पर नजर रखने वाली सर्वोच्च संस्था है, ने अपनी रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट की है।

  • तथ्य: अब तक भारत के किसी भी राज्य (पंजाब, दिल्ली, मुंबई या कर्नाटक) से जाइलाज़ीन (Xylazine) की बरामदगी या जब्ती दर्ज नहीं हुई है।
  • अधिकारी का बयान: > “भारत में फिलहाल ‘जांबी ड्रग’ (जाइलाज़ीन) का कोई संगठित प्रचलन नहीं देखा गया है। हमारे पास सिंथेटिक ड्रग्स जैसे मेफेड्रोन और मेथमफेटामाइन की चुनौतियां हैं, लेकिन जाइलाज़ीन का कोई मामला अभी तक रिकॉर्ड में नहीं आया है।”वरिष्ठ अधिकारी, NCB (दिल्ली मुख्यालय)

3. भ्रम का कारण: ‘जांबी’ जैसे लक्षण क्यों दिख रहे हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, लोग अन्य कारणों को ‘जांबी ड्रग’ समझ रहे हैं:

  1. मेफेड्रोन (Meow Meow): यह ड्रग मुंबई और पुणे जैसे शहरों में प्रचलित है, जिससे व्यक्ति सुन्न हो जाता है।
  2. केटामिन (Ketamine): यह एनेस्थीसिया के रूप में इस्तेमाल होता है, जिसके ओवरडोज से इंसान ‘फ्रीज’ हो सकता है।
  3. मानसिक स्थिति: कैटेटोनिक सिज़ोफ्रेनिया (Catatonic Schizophrenia) जैसी मानसिक बीमारी में भी इंसान घंटों तक पत्थर की तरह खड़ा रह सकता है।

4. राज्यों की वर्तमान स्थिति (डाटा टेबल)

क्षेत्रअफवाह/दावाजमीनी हकीकत (Fact)
बेंगलुरुजांबी ड्रग का पहला केसगलत: बीमारी और दवाओं के रिएक्शन का मामला।
पंजाबसड़कों पर गिरे युवामिश्रित: यहाँ ‘चिट्टा’ (हेरोइन) की समस्या है, ‘जांबी ड्रग’ की नहीं।
मुंबई/पुणे‘म्यू-म्यू’ ड्रग का कहरसच: यहाँ सिंथेटिक ड्रग्स पकड़े गए हैं, पर वे जाइलाज़ीन नहीं हैं।

5. निष्कर्ष: सावधान रहें, अफवाह न फैलाएं

हमारी जांच (Fact Check) का निष्कर्ष है कि भारत में ‘जांबी ड्रग’ (Xylazine) के फैलने के दावे अभी तक निराधार और प्रमाणहीन हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या तो पुराने हैं, या किसी अन्य देश के हैं, या फिर मेडिकल कंडीशन से जुड़े हैं।

आम जनता के लिए दिशा-निर्देश:

  • किसी भी संदिग्ध वीडियो को ‘जांबी ड्रग’ का नाम देकर फॉरवर्ड न करें।
  • यदि कोई व्यक्ति सड़क पर असामान्य स्थिति में दिखे, तो पुलिस (112) या एम्बुलेंस (108) को फोन करें।
  • नशीली दवाओं की सूचना गोपनीय रूप से देने के लिए NCB हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क करें।

फैक्ट चेक टीम द्वारा जनहित में जारी।

पुलिस ने जारी किया बयान, अफवाह फैलाई तो सख्त कार्रवाई

सोशल मीडिया आज ऐसी जगह बन गई है, जहां सच से ज्यादा अफवाहें तेजी से फैलती हैं. ऐसा ही ‘जॉम्बी ड्रग’ को लेकर हुआ. एक वायरल वीडियो के आधार पर लोग इस पर रील बनाने लगे और डर फैलने लगा, लेकिन अब Bangalore City Police ने इसकी सच्चाई सामने ला दी है. साथ ही पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस के अनुसार, बागलुर थाना क्षेत्र की टीम ने उस व्यक्ति को येलहंका स्थित Nitte Meenakshi Institute of Technology के पास से ढूंढ निकाला और तुरंत मेडिकल जांच कराई.

जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि उस व्यक्ति के शरीर में किसी भी तरह का नशीला या साइकोट्रॉपिक पदार्थ नहीं मिला. पुलिस ने बताया कि वह शख्स आर्थराइटिस से पीड़ित है और उसने डॉक्टर की दवा के साथ शराब का सेवन किया था, जिसकी वजह से वह वीडियो में असामान्य हालत में नजर आया.

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments