CNE REPORTER, बागेश्वर। चार साल पुराने चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। सत्र न्यायालय के इस अहम फैसले में दोनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
मामला कपकोट थाना क्षेत्र के नौकोड़ी बमनखेत गांव का है। यहां रहने वाली सरूली देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 दिसंबर 2022 की रात गांव में आयोजित एक सार्वजनिक पूजा के दौरान यह खूनी वारदात हुई। उस रात उनके पति खुशाल सिंह, जेठ शंकर सिंह और अन्य परिजन पूजा में शामिल होने गए थे।
रात करीब साढ़े बारह बजे, जब लोग अर्जुन सिंह के आंगन में बने टिन शेड के नीचे आग ताप रहे थे, तभी गांव के ही चंचल सिंह और महेश सिंह वहां पहुंचे और अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि महेश सिंह ने खुशाल सिंह को पकड़ लिया, जबकि चंचल सिंह ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद शंकर सिंह को भी निशाना बनाया गया। बीच-बचाव करने पहुंची महिला को धक्का देकर गिरा दिया गया।
इस हमले में खुशाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल शंकर सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
जांच में सामने आया कि करीब एक वर्ष पहले मंदिर में हुए विवाद के चलते आरोपियों के मन में रंजिश थी, जिसे लेकर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अदालत में अभियोजन पक्ष ने 20 गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
फैसले के तहत धारा 302 में आजीवन कारावास, धारा 307 में 10 वर्ष की सजा और धारा 323 में एक वर्ष की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत के इस निर्णय को जिले में न्याय की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।


