रेडक्रॉस ने खोला मोर्चा, सौंपा ज्ञापन
डीएम ने बुलाई आपात बैठक
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा : सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। ब्लड बैंक के इंचार्ज पर मरीजों और उनके तीमारदारों को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेडक्रॉस सोसाइटी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने आगामी शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की आपातकालीन बैठक तलब कर ली है।
रेडक्रॉस पदाधिकारियों का कहना है कि ब्लड बैंक जैसी अत्यंत संवेदनशील और आपातकालीन सेवा में इस प्रकार की लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि जनहित के विरुद्ध भी है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विशेष रूप से बागेश्वर, पिथौरागढ़ और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को रक्त प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आधार कार्ड जब्त करने जैसे ‘अमानवीय’ कृत्य का आरोप
रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि ब्लड बैंक इंचार्ज आशीष जैन का व्यवहार पहाड़ के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले निर्धन मरीजों के प्रति अत्यंत संवेदनहीन है। आरोप है कि:
- बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे सीमावर्ती जिलों से आने वाले तीमारदारों को रक्त के लिए घंटों इंतज़ार कराया जाता है।
- नियमों को ताक पर रखकर कई मामलों में मरीजों के परिजनों के आधार कार्ड तक जब्त कर लिए जाते हैं।
- ब्लड बैंक जैसी जीवन रक्षक सेवा में अनावश्यक कागजी पेचीदगियों के नाम पर लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
“ब्लड बैंक इंचार्ज इस सरकारी संस्थान को अपनी निजी जागीर समझ बैठे हैं। प्राचार्य को बार-बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है।” — मनोज सनवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष, रेडक्रॉस
सरकार की साख पर लग रहा ‘पलीता’
यूथ रेडक्रॉस के अध्यक्ष अमित साह मोनू ने तीखे शब्दों में कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसलिए की थी ताकि पहाड़ के लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। लेकिन, ब्लड बैंक इंचार्ज की ‘अमानवीय हरकतों’ के कारण सरकार की जनहितकारी योजनाओं की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी मनमानी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक हलचल: शुक्रवार को होगा ‘दूध का दूध और पानी का पानी’
मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जिलाधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में:
- स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
- ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली और इंचार्ज पर लगे आरोपों की समीक्षा होगी।
- पीड़ित पक्ष और रेडक्रॉस के दावों पर कड़ा फैसला लिया जा सकता है।
इस दौरान रेडक्रॉस अध्यक्ष आशीष वर्मा, पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जे.सी. दुर्गापाल, उपाध्यक्ष अर्जुन बिष्ट चीमा, उपसचिव अभिषेक जोशी, हरीश कनवाल और अनूप साह समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


