सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा : उत्तराखंड में लगातार चरमराती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को अल्मोड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए।
“भाजपा राज में न आम जनता सुरक्षित, न सरकारी कर्मचारी”
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि आज उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- अपराधों में वृद्धि: प्रदेश में हत्या, लूट, चोरी और नशे का कारोबार अब आम बात हो गई है।
- महिला असुरक्षा: महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने देवभूमि की छवि को धूमिल किया है।
- सत्ता का संरक्षण: भाजपा के नेता और विधायक खुलेआम मारपीट पर उतारू हैं, जिससे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में भी असुरक्षा का भाव है।
“अल्मोड़ा जैसे शांत शहर में अपराधी खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। पुलिस तंत्र राजनीतिक हस्तक्षेप के दबाव में है, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं हो पा रही है।” — भूपेंद्र सिंह भोज, जिलाध्यक्ष (कांग्रेस)
राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
भूपेंद्र सिंह भोज ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में स्पष्ट मांग की है कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया:
- पुलिस तंत्र को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया जाए।
- महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के लिए त्वरित कार्रवाई हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा। इस मौके पर मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी और पूर्व दर्जा मंत्री केवल सती समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अन्य उपस्थित सदस्य: विनोद वैष्णव, आनंद बिष्ट, नारायण दत्त पांडे, अधिवक्ता कुंदन भंडारी, विनोद फुलारा, निर्मल रावत, बीके पांडे, गोविंद मेहरा, पार्षद दीपक कुमार, अनूप भारती, मुकेश कुमार, हिमांशु मेहता, धनंजय साह, शुधाशु रौतेला, विजय कनवाल, दानिश खान, फेमिना खान, ललित सतवाल, साहबुद्दीन, शरद साह, दीपा साह, रविंद्र टम्टा, दीपक भट्ट, नरेश बराकोटी, जगदीश पांडे, पंकज पाठक, हरेंद्र रावत और पारितोष जोशी आदि।

