कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सरकार को चेताया
बागेश्वर (CNE Reporter): उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा है। सोमवार को जिले भर से जुटी सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

कार्यकर्ताओं का हुजूम सुबह एसबीआई तिराहे पर एकत्र हुआ। यहाँ से शुरू हुई रैली तहसील परिसर होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘सौतेला व्यवहार बंद करो’ जैसे नारे लगाए। रैली के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या को ज्ञापन भेजा गया।
प्रमुख मांगें: मानदेय वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ
आंगनबाड़ी संगठन ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से अल्प मानदेय में काम कर रही हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- मानदेय में वृद्धि: राज्य सरकार द्वारा मानदेय में 140 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि की जाए। साथ ही, केंद्र सरकार को भी 150 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा जाए।
- सेवानिवृत्ति लाभ: कार्यकर्ताओं की मांग है कि सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये दिए जाने का शासनादेश (GO) तत्काल जारी किया जाए।
- कटौती पर रोक: जब तक 10 लाख रुपये के भुगतान का शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक मानदेय से की जा रही 300 रुपये की मासिक कटौती तुरंत बंद की जाए।
- बायोमेट्रिक का विरोध: संगठन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक मशीन से जोड़ने की प्रक्रिया का भी कड़ा विरोध किया है।
“आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कम मानदेय के बावजूद धरातल पर सारा काम करती हैं, लेकिन सरकार हमारी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।” — कमला दानू, जिलाध्यक्ष
रैली का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष कमला दानू ने कहा कि कार्यकर्ताओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को अनसुना किया, तो जिले भर में कामकाज ठप कर आंदोलन को तेज किया जाएगा।
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को मनवाए बिना पीछे नहीं हटेंगी। इस आक्रोश रैली और प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष बिमला कोहली, जिला महामंत्री भावना टाकूली, जिला उपाध्यक्ष ममता बोरा, जिला कोषाध्यक्ष प्रभा आर्या, गरुड़ ब्लॉक अध्यक्ष नीमा गोस्वामी, कपकोट ब्लॉक अध्यक्ष नीमा जोशी, सोनू रावत तथा बिमला फर्स्वाण सहित जिले भर की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। जिलाध्यक्ष कमला दानू ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

