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बागेश्वर: अल्मोड़ा मैग्नेसाइट झिरौली में खदान बंदी से गहराया संकट

कर्मचारियों ने एमडी को घेरा

बागेश्वर (सीएनई रिपोर्टर): उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित अल्मोड़ा मैग्नेसाइट लिमिटेड झिरौली में खदान बंद होने से कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध टूट गया है। खदान बंदी के कारण उत्पन्न हुए आर्थिक संकट और लंबित वेतन की मांग को लेकर सोमवार को कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एमडी योगेश शर्मा का घेराव किया और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

झिरौली मैग्नेसाइट खदान पिछले कुछ समय से बंद पड़ी है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खदान बंद होने से न केवल उनका वेतन रुक गया है, बल्कि क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

कर्मचारियों की मुख्य चिंताएं:

  • लंबित वेतन: पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है।
  • अनिश्चित भविष्य: खदान के पुनः संचालन को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति न होने से कर्मचारी डरे हुए हैं।
  • क्षेत्रीय विकास: स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा खदान की गतिविधियों पर काफी हद तक निर्भर है।

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन और एमडी का घेराव

सोमवार को भारी संख्या में कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां पूर्व से मौजूद एमडी योगेश शर्मा को देखते ही कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने एमडी को घेरते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी प्रतिनिधि शांति लाल और गायत्री प्रसाद ने जोर देकर कहा कि इस उद्योग को बचाने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों को एकजुट होना होगा।

“यदि खदान शीघ्र संचालित नहीं की गई और लंबित वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।” — कर्मचारी प्रतिनिधि

प्रशासन का हस्तक्षेप: होली तक वेतन का आश्वासन

स्थिति को बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने मध्यस्थता की। जिलाधिकारी की पहल पर कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि:

  1. होली से पहले एक माह का लंबित वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।
  2. अगले एक माह के भीतर खदान की स्थिति में सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे।

इस ठोस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन स्पष्ट किया कि यदि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर से शुरू होगा।


उपस्थित प्रमुख व्यक्ति

इस विरोध प्रदर्शन में एडवोकेट बसंत कुमार, रवि करायत, हरीश जनोटी, राजेंद्र प्रसाद, राकेश कुमार, विक्रम सिंह, मनीष सिंह, पवन कुमार, महेश चंद्र, राजेंद्र सिंह, ललित मोहन सिंह, हर्ष सिंह, रमेश चंद्र सिंह, दिनेश जोशी, अर्जुन सिंह, कैलाश सिंह, चिरंजीत कुमार, नवीन चंद्र और चंद्रशेखर समेत दर्जनों कर्मचारी उपस्थित थे।

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