क्षेत्र में खुशी की लहर
अल्मोड़ा के सहायक कमांडेंट दीवान सिंह बिष्ट को गणतंत्र दिवस 2026 पर राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। जानें उनके 40 वर्षों के गौरवशाली सफर और उपलब्धियों के बारे में।
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद अंतर्गत जागेश्वर क्षेत्र के ग्राम हरड़ (न्यौली) निवासी दीवान सिंह बिष्ट ने एक बार फिर देवभूमि का मान बढ़ाया है। सीमा सुरक्षा बल (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) में सहायक कमांडेंट के पद पर तैनात दीवान सिंह बिष्ट को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्वारा गणतंत्र दिवस 2026 के गौरवशाली अवसर पर विशिष्ट सेवा पुलिस पदक (प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस) से सम्मानित किया गया है।
दिवंगत भवान सिंह बिष्ट के पुत्र दीवान सिंह बिष्ट का जीवन संघर्ष और सादगी की मिसाल रहा है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हरड़ गांव से ही संपन्न हुई। इसके पश्चात उन्होंने अपनी हाई स्कूल की शिक्षा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैनी से और इंटरमीडिएट की पढ़ाई जागनाथ इंटर कॉलेज शौकियाथल से पूरी की।
देश सेवा के जज्बे के साथ वे जनवरी 1986 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए। अपनी कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ उन्होंने अपनी शिक्षा को भी निरंतर जारी रखा और पिछली तैनाती के दौरान दिल्ली से स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री हासिल की।
40 वर्षों का गौरवशाली सेवा काल
दीवान सिंह बिष्ट पिछले 40 वर्षों से देश की सुरक्षा में समर्पित हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में देश के विभिन्न चुनौतीपूर्ण सीमांत क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाके।
- पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम राज्य।
- देश की प्रतिष्ठित कमांडो फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड)।
- भारत सरकार का गृह मंत्रालय।
- सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय, दिल्ली।
दूसरी बार मिला राष्ट्रपति पदक
यह दीवान सिंह बिष्ट की कार्यकुशलता ही है कि उन्हें दूसरी बार इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। इससे पूर्व, जब वे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एन एस जी) में तैनात थे, तब उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए स्वतंत्रता दिवस 2017 के अवसर पर भी उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया था।
क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल
एक ही अधिकारी को दो बार राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किए जाने पर जागेश्वर विधानसभा और विशेषकर उनके पैतृक गांव हरड़ में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दीवान सिंह बिष्ट की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी इस सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई प्रेषित की है।

