वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, गांव के समीप लगाया पिंजड़ा
CNE REPORTER, नैनीताल। खुटियाखाल क्षेत्र में शनिवार दोपहर गुलदार (तेंदुआ) देखे जाने के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र से लगे जंगलों में कॉम्बिंग और गश्त तेज कर दी है।
सुरक्षा के दृष्टिगत विभाग द्वारा गांव के समीप एक नया पिंजड़ा भी स्थापित किया गया है और ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने व सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
उत्तरी गोला नथुवाखान के वन क्षेत्राधिकारी विजय चंद्र भट्ट के नेतृत्व में वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने शनिवार को खुटियाखाल और आसपास के वन क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। गुलदार की सक्रियता को देखते हुए विभाग ने अपनी गश्त प्रणाली को और अधिक प्रभावी बना दिया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: पिंजड़ा स्थापित
ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन अधिकारियों ने गांव की सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में एक नया पिंजड़ा लगा दिया है। वन क्षेत्राधिकारी विजय चंद्र भट्ट ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता गुलदार की आवाजाही पर नजर रखना और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित महसूस कराना है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे शाम ढलने के बाद घरों से बाहर न निकलें और बच्चों व मवेशियों का विशेष ध्यान रखें।
गश्त टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
इस महत्वपूर्ण गश्त और पिंजड़ा लगाने की कार्रवाई के दौरान वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- विजय चन्द्र भट्ट, वन क्षेत्राधिकारी (उत्तरी गोला)
- डॉ. हिमांशु पांगती
- आनन्द लाल आर्या, वन क्षेत्राधिकारी (प्राणी उद्यान)
- अभय जोशी, वन क्षेत्राधिकारी (नैनीताल)
- पूरन चन्द्र मेलकानी, वन दरोगा
- वन विभाग की टीम में विपिन चन्द्र, हरीश धामी, मोहन सिंह, सुरेन्द्र सिंह (वन आरक्षी, हनुमानगढ़ी), पंकज आर्य, पल्लव सिंह, मनोज आर्या और वाहन चालक मनोज कैड़ा सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।

