संघर्ष वाहिनी ने की सीबीआई जांच की मांग
CNE REPORTER, बागेश्वर। ऊधमसिंह नगर पुलिस के कथित उत्पीड़न से तंग आकर काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में अब बागेश्वर में भी जनाक्रोश गहराने लगा है।
उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी ने पुलिसिया कार्यप्रणाली के विरोध में शनिवार को एक घंटे का मौन उपवास रखकर इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग उठाई है। वाहिनी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ गांधी मूर्ति पर प्रदर्शन
शनिवार को संघर्ष वाहिनी के अध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग स्टेशन रोड स्थित गांधी मूर्ति के पास एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। इसके पश्चात, मृतक किसान की आत्मा की शांति और न्याय की मांग को लेकर एक घंटे का सामूहिक मौन उपवास रखा गया।
वीडियो साक्ष्य को आधार बनाने की मांग
मौन उपवास के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पूर्व एक वीडियो जारी किया था, जो पुलिस की प्रताड़ना का सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत है। वक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने किसान को इस कदर मजबूर कर दिया कि उसके पास मौत को गले लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
विवादित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
सभा में वक्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसान ने अपने वीडियो में जिन पुलिस अधिकारियों का नाम लिया है, उनका ट्रैक रिकॉर्ड पहले से ही विवादित रहा है। विशेष रूप से थानाध्यक्ष की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए वक्ताओं ने मांग की कि ऐसे अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अंकुर उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में वाहिनी के सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

