देहरादून। उत्तराखंड में लंबे समय से चल रहे शुष्क मौसम और कड़ाके की सूखी ठंड के बीच अब जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। जहां एक ओर पहाड़ों पर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में सूखी ठंड और घने कोहरे ने जन-जीवन को प्रभावित किया है।
किसानों को पाला पड़ने के कारण फसल खराब होने की चिंता सता रही है। इसी बीच, देहरादून मौसम विभाग ने आज राज्य के कुछ पहाड़ी जिलों में देर शाम तक बारिश और बर्फबारी का अंदेशा जताया है। यदि यह भविष्यवाणी सच साबित होती है, तो लोगों को सूखी ठंड और खेती-किसानी को पाले की मार से राहत मिल सकती है।
उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
देहरादून मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपद में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।
- बर्फबारी की संभावना: 3200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
- अन्य जिलों का हाल: प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
- देहरादून का मौसम: राजधानी देहरादून में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 26°C के लगभग रहने की संभावना है।
ठंड से बढ़ी ठिठुरन और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
उत्तराखंड में इन दिनों तापमान में खासी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके चलते हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।
मैदानी इलाकों में घना कोहरा
मैदानी इलाकों में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई है। सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है, जिसके कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ रही है।
इसके विपरीत, पर्वतीय अंचलों में दिन के समय अच्छी खासी धूप निकल रही है और लोग इस गुनगुनी धूप का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
स्वास्थ्य सलाह: तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
ठंड बढ़ने के साथ ही लोग सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। गले में दर्द, इन्फेक्शन, निमोनिया और गले के संक्रमण के रोगियों को स्थिति बिगड़ने से पहले तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इस मौसम में बचाव ही बीमारियों से दूर रहने का एकमात्र उपाय है।
औली में कड़ाके की ठंड: स्कीइंग स्लोप का नाला भी जम गया
पर्यटन स्थल औली इन दिनों तीखी सर्द हवाओं और गिरते तापमान की चपेट में है। जैसे ही दिन ढलता है, ठंड और अधिक कड़ाके की हो जाती है और तापमान तेजी से नीचे लुढ़कने लगता है। स्थिति यह है कि स्कीइंग स्लोप से होकर बहने वाला नाला भी पूरी तरह जम चुका है, जिससे यहां की कठोर सर्दी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
बारिश न होने के कारण सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है, वहीं रात के समय पाला पड़ने से ठिठुरन और बढ़ गई है। रात के दौरान तापमान -2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है।
उधर नीति घाटी, बद्रीनाथ और आसपास के सीमांत क्षेत्रों में भी पानी के झरने जमने लगे हैं। जबकि मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और रात की ठंड बढ़ गई है।

