HomeBreaking Newsअलविदा, जननायक! उत्तराखंड आंदोलन के बड़े हस्ताक्षर दिवाकर भट्ट का निधन

अलविदा, जननायक! उत्तराखंड आंदोलन के बड़े हस्ताक्षर दिवाकर भट्ट का निधन

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बुधवार हरिद्वार के घाट में होगा अंतिम संस्कार

सीएनई रिपोर्टर, देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड की राजनीति के एक बड़े हस्ताक्षर, पूर्व कैबिनेट मंत्री और जननेता दिवाकर भट्ट अब हमारे बीच नहीं रहे। राज्य आंदोलन के सबसे आक्रामक और समर्पित नेताओं में शामिल उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ‘फील्ड मार्शल’ दिवाकर भट्ट ने आज (25 नवंबर, मंगलवार) लंबी बीमारी के बाद हरिद्वार स्थित अपने आवास पर शाम 4:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।

दिवंगत दिवाकर भट्ट के बेटे ललित भट्ट ने उनके देहांत की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, भट्ट विगत कुछ दिनों से देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे। स्वास्थ्य में सुधार न होने और चिकित्सकों द्वारा इलाज के लिए असमर्थता जताए जाने के बाद, लगभग तीन घंटे पहले ही उन्हें देहरादून से हरिद्वार स्थित तरुण हिमालय स्थित निवास पर लाया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।

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उनके निधन के बाद समर्थकों और राज्यभर के नेताओं में शोक व्याप्त है और धीरे-धीरे उनके निवास पर लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई है।

  • अंतिम संस्कार: कल बुधवार, 26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा।

उत्तराखंड आंदोलन के ‘फील्ड मार्शल’

उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय मीडिया प्रभारी किरन रावत कश्यप ने बताया कि दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और UKD के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी अलग पहचान थी। राज्य आंदोलन के दौरान ही उन्हें उनकी आक्रामकता और समर्पण के कारण ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि दी गई थी।

  • योगदान: भट्ट UKD के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की उपेक्षा, पर्यावरण संरक्षण और अलग राज्य की मांग को मजबूती प्रदान की।

दिवाकर भट्ट का राजनीतिक सफर

  • जन्म: साल 1946
  • मंत्री पद: 2007 से 2012 के दौरान उत्तराखंड में बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और उन्होंने शहरी विकास जैसे अहम विभाग संभाले थे।
  • विधायक: साल 2007 में यूकेडी की टिकट से देवप्रयाग विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने।

यूकेडी नेताओं का कहना है कि उन्होंने आज दल के एक समर्पित और स्तंभ नेता को खो दिया है, जिसका स्थान भरना मुश्किल होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक : “अत्यंत दुःखद!” – सीएम धामी

पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट जी के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दिवाकर भट्ट जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर जनसेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव अविस्मरणीय हैं।”

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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