HomeUttarakhandNainitalBSc छात्रों की रूपये 03 हजार फीस माफ, शोधार्थियों को मिलेगी फेलोशिप

BSc छात्रों की रूपये 03 हजार फीस माफ, शोधार्थियों को मिलेगी फेलोशिप

ADVERTISEMENTS

छात्र हित में उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला

सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की 44वीं बैठक आज विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय की 20वीं वित्त समिति के सभी प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान करते हुए बी एस सी के शिक्षार्थियों तथा शोधार्थियों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कार्यपरिषद द्वारा स्वीकृत सबसे प्रमुख निर्णयों में बीएससी कार्यक्रम के शिक्षार्थियों की 3000 रूपए फीस माफ करने तथा विश्‍वविद्यालय के शोधार्थियों को शोध कार्य हेतु विश्वविद्यालय फेलोशिप प्रदान किए जाने को सर्वसम्मति से मंज़ूरी दी गई। इन निर्णयों से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत शिक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उच्च शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में प्रस्तुत वित्त समिति की अनुशंसाओं के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि बीएससी कार्यक्रम के छात्रों पर शुल्क का अतिरिक्त बोझ कम करने के उद्देश्य से 3000 रूपए फीस माफ की जाएगी। यह फीस 500 प्रति सेमेस्टर कम होगी।

कार्यपरिषद ने शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शोधार्थियों को फेलोशिप प्रदान करने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया। इस फेलोशिप के माध्यम से पीएचडी एवं अन्य शोध कार्यक्रमों से जुड़े विद्यार्थियों को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में वित्त समिति की अनुशंसाओं के अनुसार विभिन्न समितियों – योजना बोर्ड, परीक्षा समिति,प्रवेश समिति,मान्यता बोर्ड, तथा शिक्षा परिषद द्वारा पारित वित्तीय मदों के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी। कार्यपरिषद ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी सहमति व्यक्त की जैसे- विश्वविद्यालय परिसर में टाइप-3 एवं टाइप-4 आवासों के निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि का प्रावधान, पुरानी अप्रयुक्त पुस्तकों के शैक्षणिक-सामाजिक हित में निशुल्‍क वितरण पर सहमति, विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रकोष्ठ के लिए नए बजट शीर्ष की स्थापना, पूर्व छात्र परिषद की सदस्यता शुल्क व्यवस्था में सुधार, कौशल आधारित कार्यक्रमों, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों एवं परीक्षा व्यवस्था से सम्बंधित वित्तीय प्रस्तावों की पुष्टि।

कुलपति प्रो. लोहनी ने कहा कि “उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय सदैव छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्‍होंने कहा कि यह कदम प्रदेश के दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करेगा। कुलपति ने कहा शुल्क माफी और शोधार्थी फेलोशिप जैसे निर्णय विद्यार्थियों को अवसर प्रदान करेंगे तथा विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में और मजबूत बनाएंगे।”

बैठक में कार्यपरिषद के सदस्‍य प्रो. बी.एस. राजपूत, प्रो. नवल किशोर, आर. सी. बिंजोला, साशन के प्रतिनिधि सयुंक्त सचिव उच्च शिक्षा विक्रम यादव, प्रो. पी. डी. पंत, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. जितेंद्र पाण्डेय, डॉ. हरीश चन्‍द्र जोशी, डॉ. नीरजा सिंह, कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सामेश कुमार, वित्‍त नियंत्रक एस. पी. सिंह आदि सदस्‍य मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
🔴 BREAKING: खनन कारोबारी का खौफनाक गुस्सा! रेट विवाद में प्रतिद्वंद्वी का क्या हाल किया? (देखें वीडियो)
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments