बागेश्वर। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में मानसून अवधि के दौरान आई आपदा से हुए नुकसान के मूल्यांकन हेतु पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (PDNA) की पाँच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षति मूल्यांकन, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कहा कि पीडीएनए प्रक्रिया का उद्देश्य आपदा से प्रभावित बुनियादी ढांचे और आजीविका के नुकसान का सटीक आंकलन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम की रिपोर्ट राज्य एवं केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की जाएगी, जो पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि और भविष्य की रणनीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सभी आंकड़े और दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी आंकड़े और दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। साथ ही, सभी एसडीएम को शासनादेश के अनुसार तय समयसीमा में विस्थापन कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने पीपीटी के माध्यम से राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान कृषि, उद्यान, मत्स्य, लोनिवि, सिंचाई, पीएमजीएसवाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आपदा से हुई क्षति का विस्तृत ब्यौरा दिया।
पीडीएनए टीम के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरेसिया (सीबीआरआई), डॉ. मोहित कुमार पुनिया (यूएलएमएमसी), डॉ. महेश शर्मा (हिमाचल विश्वविद्यालय), सार्थक चौधरी, और अमित गैरोला बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक के बाद पीडीएनए टीम और जिला प्रशासन ने पिटकुल के 132 केवी सर्विस स्टेशन का निरीक्षण किया, जो भू-स्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ था, तथा अधिशासी अधिकारी को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

