SDRF ने चलाया रेस्क्यू अभियान
सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल के प्रसिद्ध चाइना पीक (नैना पीक) ट्रैकिंग रूट से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ट्रैकिंग के दौरान एक युवक अनियंत्रित होकर अचानक 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हालांकि, सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने देवदूत की तरह मोर्चा संभाला और बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच युवक का सफल रेस्क्यू कर उसकी जान बचा ली।


मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद अंतर्गत मानपुर चौकी क्षेत्र का रहने वाला 24 वर्षीय साजिद पुत्र खुर्शीद अपने दोस्तों के साथ नैनीताल की खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने आया था। सोमवार को सभी दोस्त नैनीताल की सबसे ऊंची चोटी चाइना पीक पर ट्रैकिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक पैर फिसलने और संतुलन बिगड़ने के कारण साजिद सीधे 50 मीटर गहरी खाई की तरफ लुढ़क गया और झाड़ियों के बीच जाकर फंस गया।
SDRF की त्वरित कार्रवाई और दुर्गम रास्तों पर रेस्क्यू
युवक के खाई में गिरते ही उसके साथियों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही SDRF की रेस्क्यू टीम बिना एक पल गंवाए साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंच गई। चोटी का रास्ता बेहद दुर्गम और ढलान वाला होने के बावजूद जवानों ने हौसला नहीं खोया। टीम ने रस्सियों के सहारे गहरी और पथरीली खाई में उतरकर घटनास्थल तक पहुंच बनाई।
स्ट्रेचर के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया
खाई में गिरे युवक को रेस्क्यू करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती थी। SDRF की टीम ने अत्यंत सावधानी और कुशलता का परिचय देते हुए घायल साजिद को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद जवानों ने युवक को स्ट्रेचर पर लिटाया और कई किलोमीटर लंबे पथरीले व ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए उसे मुख्य सड़क तक लेकर आए।
सिर पर लगी गंभीर चोट, जिला अस्पताल में भर्ती
खाई में गिरने के कारण युवक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे वह लहूलुहान हो गया था। रेस्क्यू टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही युवक को प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया ताकि खून का बहना रोका जा सके। इसके तुरंत बाद घायल साजिद को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय नैनीताल भेजा गया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। समय पर मिले रेस्क्यू के कारण युवक की जान खतरे से बाहर बताई जा रही है।



