AIOCD ने GST 2.0 को बताया ऐतिहासिक
नई दिल्ली। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने भारत सरकार के ऐतिहासिक GST 2.0 सुधार का जोरदार स्वागत किया है। इस सुधार के तहत, जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सस्ता और सुलभ बनाया गया है। देशभर के 12.5 लाख से अधिक केमिस्टों और वितरकों का प्रतिनिधित्व करने वाले AIOCD ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है, इसे मरीजों के कल्याण के प्रति सरकार की गहरी प्रतिबद्धता का एक बड़ा प्रमाण बताया है।
उत्तराखंड औषधि व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी (B Singh Mankoti) और महामंत्री अमित गर्ग ने मीडिया को इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक फैसले के तहत, दवाओं पर लगने वाले जीएसटी को 12% और 18% से घटाकर मात्र 5% कर दिया गया है। इतना ही नहीं, कैंसर और अन्य जीवन रक्षक दवाओं को पूरी तरह से करमुक्त घोषित किया गया है। यह कदम सीधे तौर पर लाखों भारतीय परिवारों को आर्थिक राहत देगा और गंभीर बीमारियों के इलाज को पहले से कहीं अधिक सुलभ बनाएगा।
AIOCD के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने सरकार के इस कदम का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा, “हम इस दूरदर्शी निर्णय का स्वागत करते हैं और इसके सुचारू क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। देशभर में हमारे केमिस्ट इस लाभ को सीधे मरीजों तक पहुंचाएंगे और हमारे आदर्श वाक्य—‘Patients First & Always’ (पहले और हमेशा मरीज)—की पुष्टि करेंगे।”
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस लाभ को बिना किसी रुकावट के मरीजों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए, AIOCD ने विभिन्न राज्यों में जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें दवा की दुकानों पर पोस्टर और जागरूकता सामग्री वितरित की जाएगी। साथ ही, दवा कंपनियों और सॉफ्टवेयर वेंडरों के साथ मिलकर एक सुगम और समान क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
AIOCD की सरकार से अपील
इस महत्वपूर्ण बदलाव को लागू करने के लिए, AIOCD ने सरकार से कुछ अहम मांगें की हैं:
- पुराने स्टॉक पर लगे इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को वापस लौटाने या समायोजित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि केमिस्टों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े।
- जब तक नई, कम एमआरपी (MRP) वाली दवाएं बाजार में उपलब्ध न हों, तब तक 90 से 120 दिनों की सुरक्षा अवधि दी जाए। इससे अनजाने में होने वाली त्रुटियों के लिए केमिस्टों को दंडित नहीं किया जाएगा।
AIOCD ने यह भी दोहराया कि वे इस ऐतिहासिक सुधार को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। भारत के 12.5 लाख से अधिक केमिस्ट प्रतिदिन 140 करोड़ नागरिकों की सेवा करते हैं और वे इस बदलाव को पूरी तरह से लागू करने के लिए समर्पित हैं, जिससे मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
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