👉 नंदादेवी महोत्सव की धूम से नंदामय बनी सांस्कृतिक नगरी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: नगर में ऐतिहासिक एवं पौराणिक मां नंदा देवी मेले की धूम मची है। शनिवार को तीसरे रोज मां नंदा की पूजा अर्चना के बाद निकटवर्ती दुलागांव से शोभायात्रा की शक्ल में मां के जयकारों, भजनों व मंगल गीतों के बीच भक्त कदली वृक्ष लाए गए। कदली वृक्षों से मां नंदा—सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण हुनरमंद कलाकारों ने शुरू किया।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार शनिवार प्रातः भक्तों का हुजूम मां नंदा व सुनंदा के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए निकटवर्ती दुलागांव पहुंचा, जहां से पूरी विधि विधान के साथ निमंत्रित कदली वृक्षों को लाया गया। कदली वृक्षों को शोभायात्रा के रूप में लाया गया। नगर में सर्वप्रथम कदली को पहले चंद वंशजों की ड्योड़ीपोखर में स्थापित आराध्य देवी मंदिर के दर्शन कराए और पूजा की गई। इसके बाद नगर भ्रमण करते हुए वृक्षों को नंदादेवी मंदिर तक लाया गया। इस बीच भजनों व मंगल गीतों की भरमार रही। नंदादेवी मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के बाद इन कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की मूर्ति निर्माण का काम शुरू कर दिया गया। यह पूरा परिदृश्य अटूट आस्था व श्रद्धा को बखूबी बयां कर रहा था।
कदली वृक्ष लाने वाले दल में नगर निगम महापौर अजय वर्मा, मेला समिति के सचिव मनोज सनवाल, सह संयोजक रवि गोयल, व्यवस्थापक अनूप साह, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक एवं कोषाध्यक्ष हरीश बिष्ट, मुख्य संयोजक अर्जुन बिष्ट चीमा, संयोजक मेला अमित साह मोनू, अमरनाथ नेगी, संयोजक अमरनाथ सिंह, सह संयोजक अभिषेक जोशी, मनोज भंडारी मंटू, धन सिंह मेहता, जीवन नाथ वर्मा, मेला सह संयोजक राजेंद्र बिष्ट, व्यवस्थापक हरीश भंडारी, जगत तिवारी, आशीष बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

