भाजपा कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
कुमाऊँ की वीरभूमि ने अपना एक सपूत खो दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्मोड़ा के आईटी विभाग के संयोजक गोविंद सिंह मटेला के पिताजी एवं 1962 भारत-चीन युद्ध के अंतिम जीवित योद्धा स्वर्गीय केसर सिंह मटेला का निधन हो गया।
स्व. मटेला ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया था और दुश्मनों से लोहा लेते हुए गोली से घायल भी हुए थे। उनकी शौर्यगाथा आज भी क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा बनी हुई है।
अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
स्व. मटेला का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव डूंगरी के मुंडेश्वर घाट में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, रमेश बहुगुणा, रवि रौतेला, धर्मेंद्र बिष्ट, कैलाश गुरुरानी, प्रकाश भट्ट, पार्षद अमित साह, मंडल अध्यक्ष संजय बिष्ट, पार्षद अर्जुन बिष्ट, अभिषेक जोशी, मनोज जोशी, देवेंद्र सत्यपाल समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
स्व. मटेला के निधन पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक व्यक्त किया गया।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक मोहन सिंह मेहरा, प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक गोविंद सिंह पिलख्वाल, निवर्तमान जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष ललित लटवाल, नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, लता बोरा, किरण पंत, लीला बोरा सहित अनेक भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
वीरता की मिसाल
स्व. केसर सिंह मटेला कुमाऊँ क्षेत्र के ऐसे सपूत थे, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। आज उनका जाना न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

