HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: जिला पंचायत की सरकार में दोनों दलों के समक्ष संकट, निर्णायक...

अल्मोड़ा: जिला पंचायत की सरकार में दोनों दलों के समक्ष संकट, निर्णायक होंगे निर्दलीय

ADVERTISEMENTS

👉 भाजपा व कांग्रेस के समर्थित विजयी प्रत्याशियों की संख्या बहुमत से दूर होने से मुश्किल
👉 जिपं अध्यक्ष की कुर्सी महिला आरक्षित होने से कई पुरुष दावेदारों को लगा धक्का

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के परिणाम घोषित तो हुए, मगर जिला पंचायत की सरकार बनाने के लिए बड़े दल कांग्रेस व भाजपा के सामने संकट बरकरार है। वजह यह है कि जितने पार्टी समर्थित प्रत्याशी जीतकर आए हैं, उनकी संख्या बहुमत से काफी दूर है। उनसे अधिक संख्या में निर्दलीय जीतकर आए हैं, जिससे जिला पंचायत की सरकार बनाने में निर्दलियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो चुकी है। परिणाम घोषित होने के बाद से विजयी प्रत्याशियों को अपने पाले में खींचने की जद्दोजहद चल पड़ी है।

जिले में जिला पंचायत की कुल 45 सीटें हैं, मगर सत्तारूढ़ भाजपा हो या विपक्ष कांग्रेस, दोनों को ही मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि जिला पंचायत की सरकार बनाने के लिए स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ सकी। हालत इतनी पतली हो गई कि दोनों दलों के पिछले चुनाव से भी कम प्रत्याशी जीतकर आए हैं। इस बार जीते प्रत्याशियों में से कांग्रेस समर्थित 16, भाजपा समर्थित 14 और 15 निर्दलीय बताए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाना फिलहाल टेड़ी खीर बनी है। ऐसे में निर्दलीय जीते प्रत्याशियों का महत्व बढ़ गया है बल्कि जिला पंचायत की सरकार बनाने की चाबी उनके हाथ आ चुकी है और अब वहीं निर्णायक भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निर्दलियों पर डोरे डालने का सिलसिला चल पड़ा है। कमोवेश ऐसी ही जद्दोजहद ब्लाक प्रमुख की कुर्सी के लिए चल रही है।
——————
कुर्सी महिला आरक्षित होने से लगा धक्का

अल्मोड़ा: यहां जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने का लंबे समय से सपना संजोये पुरुष दावेदारों को भारी मायूसी हाथ तब लगी, जब अल्मोड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित हुआ, हालांकि अभी आपत्तियां मांगी गई हैं। इधर, जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि पंचायती राज अनुभाग के आदेश के क्रम में जनपद में अध्यक्ष जिला पंचायत का पद महिला आरक्षित किया गया है। इस अनन्तिम प्रस्ताव के विरूद्ध किसी भी हितबद्ध व्यक्ति की ओर से लिखित आपत्ति कार्यालय सचिव, पंचायतीराज, उत्तराखण्ड शासन (कक्ष संख्या 19, सोबन सिंह जीना भवन, सचिवालय परिसर, 4-सुभाष मार्ग, देहरादून) में 04 अगस्त, 2025 तक प्रस्तुत की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 05 अगस्त, 2025 को आपत्तियों का निस्तारण एवं 06 अगस्त, 2025 को आरक्षण का अन्तिम प्रकाशन किया जायेगा।
—————————

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments