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प्रशांत महासागर में सुनामी का भीषण खतरा: कई देशों में अलर्ट जारी

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देखी गईं 5 फीट ऊंची लहरें, रूस में 8.8 तीव्रता का भूकंप

CNE DESK/Tsunami Alert : 26 दिसंबर, 2004 को हिंद महासागर में एक विनाशकारी सुनामी (Tsunami) आई थी, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी. इस सुनामी का कारण इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के पास 9.1 तीव्रता का भूकंप था. आज पुन: इस तरह के संकेत प्रशांत महासागर में दिखाई दे रहे हैं।

साल 2004 की यह सुनामी भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया, और मालदीव सहित कई देशों में आई थी. भारत में, विशेष रूप से तमिलनाडु और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में, सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी.

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रूस में जहां दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप 8.8 तीव्रता वाला आया, वहीं 5 मीटर ऊंची सुनामी उठी है। अमेरिका के अलास्का-हवाई तक सुनामी लहरें पहुंच चुकी हैं.

उल्लेखनीय है कि रूस के पूर्वी प्रायद्वीप कामचटका में दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप आया है. US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 8.8 थी. यह भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 4:54 बजे आया.

प्रशांत महासागर पर एक विनाशकारी खतरा मंडरा रहा है! रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के कामचटका प्रायद्वीप में 5 मीटर (लगभग 16 फीट) तक ऊंची सुनामी लहरें तट से टकराई हैं, जिससे कई इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने पुष्टि की है कि इस सुनामी का कारण एक शक्तिशाली भूकंप था, जिसका केंद्र ज़मीन से 19.3 किलोमीटर की गहराई में था।

दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप

कामचटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने एक वीडियो संदेश में चेतावनी दी है कि यह भूकंप दशकों में सबसे शक्तिशाली था! उन्होंने बताया कि इस भीषण झटके से एक किंडरगार्टन स्कूल भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जो इस आपदा की गंभीरता को दर्शाता है।

जापान में आपातकाल और व्यापक अलर्ट

जापान भी इस खतरे की चपेट में आ चुका है। NHK टेलीविजन के अनुसार, देश के पूर्वी तट पर एक फुट ऊंची पहली सुनामी लहरें पहले ही पहुँच चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जापान ने राजधानी टोक्यो में लगभग 20 लाख लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर को भी पूरी तरह से खाली करा लिया गया है, जो संभावित खतरे की भयावहता का संकेत है।

प्रशांत महासागर में सुनामी

सुनामी का खतरा

जापान में आई सुनामी की वजह से चीबा प्रान्त के तातेयामा शहर के पास चार व्हेल बहकर किनारे पर आ गईं।

वैश्विक सुनामी का फैलाव

  • यह खतरा केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। सुनामी की लहरें अब अमेरिका के अलास्का और हवाई द्वीप तक पहुँच चुकी हैं, जिससे पूरे प्रशांत महासागर में सुनामी का खतरा फैल गया है।
  • जापान के उत्तरी तट पर पहले ही 40 सेंटीमीटर ऊंची लहरें देखी जा चुकी हैं।
  • टोक्यो में लगभग 20 लाख लोगों को अपने घर खाली करने का सख्त आदेश दिया गया है।
  • जापान ने चेतावनी दी है कि सुनामी की लहरें एक से ज़्यादा दिनों तक आ सकती हैं, जिससे खतरा लंबे समय तक बना रहेगा।
  • हवाई में भी जल्द ही सुनामी के पहुँचने की आशंका है, जहाँ लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
  • कैलिफोर्निया के निवासियों को समुद्र तटों से दूर रहने के लिए कहा गया है।
  • चीन, फिलीपींस, इंडोनेशिया, न्यूज़ीलैंड, पेरू और मेक्सिको सहित कई अन्य देशों ने भी अपने तटीय इलाकों के लिए सुनामी अलर्ट जारी कर दिए हैं, जिससे यह एक वैश्विक आपातकाल बन गया है।
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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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