विगत 16 दिन से हैं गायब, लवारिस हालत में मिली थी स्कूटी
परिजनों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। वन दरोगा कैलाश पांडेय का 16 दिन बाद भी कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस कारण परिजन परेशान हैं। परिजनों ने वन विभाग पर ढूंढखोज में लापरवाही का आरोप लगया है। वनाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन के भीतर खोजबीन करने की मांग की है। 22 जुलाई को उनके कार्यालय में परिवार के साथ आत्मदाह की चेतावनी दी है।

ज्ञापन में वन दरोगा की बेटी विद्या पांडेय ने कहा कि उनके पिता को लापता हुए आज 16 दिन हो गए हैं। उन्होंने अपने स्तर से ढूंढखोज कर ली है, लेकिन आज तक उनका पता नहीं चल पाया है। अब परिजनों का धैर्य जवाब दे गया है।
वह घर से अपने कार्यालय के लिए निकले थे। उनका अधिकांश समय कार्यालय में ही व्यतीत होता था। उन्होंने तीन दिन के भीतर यदि उनका कोई सुराग नहीं मिला तो वह वनाधिकारी कार्यालय में 22 जुलाई को पूरा परिवार के साथ आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
इधर डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने कहा कि उन्होंने वन दरोगा के कार्यालय नहीं पहुंचने की सूचना पुलिस को दे दी है। विभाग ने किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती है। परिजनों को इस बात को समझना होगा।
विगत 3 जुलाई से चल रहे लापता
उल्लेखनीय है कि प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में नियुक्त वन दरोगा 55 वर्षीय कैलाश चंद्र पांडेय 3 जुलाई की सुबह 8 बजे से लापता हैं। वह कार्यालय जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनकी स्कूटी पगना के सप्तेश्वर के पास मिली थी। परेशान परिजन रात—दिन उनकी ढूंढखोज में लगे हैं। लापता वन दरोगा के पुत्र रुद्रा पांडे किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं। उन्होंने पुलिस से संदिग्ध हालातों में गायब हुए अपने पिता का जल्द पता लगाने की गुहार लगाई है।

