सीएनई रिपोर्टर, गरुड़। तहसील के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमार-मजकोट को कलस्टर विद्यालय राजकीय इंटर कालेज छ्त्यानी में समायोजित करने पर ग्रामीण भड़क गए हैं। ग्रामीणों ने इस पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उप जिलाधिकारी प्रियंका रानी को ज्ञापन सौंपा।
उप जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि मजकोट गोमती घाटी का अंतिम दूरस्थ गांव है। यह एक सैनिक बाहुल्य गांव है। यहां से तीन लोग आजाद हिंद फौज में भी रहे। यहां ओबीसी के ज्यादा लोग निवास करते हैं। जिनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है।
सरकार राउमावि सिमार-मजकोट को कलस्टर व्यवस्था के तहत राइका छ्त्यानी में समायोजित कर रही है। जिससे राउमावि सिमार-मजकोट हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। जबकि छ्त्यानी सिमार-मजकोट से ग्यारह किमी दूर है। दुर्गम रास्ते में जंगली जानवरों का भय रहता है। ऐसे में बच्चे इतनी दूर पढ़ने कैसे जाएंगे। जबकि आरटीई के तहत प्रत्येक तीन किमी में विद्यालय होना चाहिए।
ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट गिरीश कोरंगा, ग्राम विकास, शिक्षा संघर्ष समिति मजकोट के अध्यक्ष मोहन पुरी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष हेमा देवी, सरपंच पुष्पा देवी, कमला देवी, शांति देवी, बसंती देवी, हरक पुरी, प्रताप गिरी, दलीप पुरी, रोशन पुरी आदि ग्रामीणों व अभिभावकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राउमावि सिमार-मजकोट को समायोजित किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

